विश्व रिकार्ड में दर्ज हुए 1.1 करोड़ शिवलिंगों को देशभर में भक्तों तक पहुंचाने की तैयारी है। इसकी शुरुआत काशी विश्वनाथ दरबार से की जाएगी। यहां भक्तों को पार्थिव शिवलिंग दिए जाएंगे। इसके बाद काशी के आश्रमों में इसे पूजन के लिए दिया जाएगा।
दक्षिण भारत की आध्यात्मिक एवं धार्मिक संस्था श्रीश्रीश्री विजयानंदनाथ गुरु सेवा समिति की ओर से 19 से 27 नवंबर तक 1.1 करोड़ पार्थिव शिवलिंगों के अलावा द्वादश शिवलिंगों का वैदिक विद्वानों ने पूजन किया। समिति के महासचिव डॉ. जीके वेंकट ने बताया कि नौ दिनों तक चले कोटि पार्थिव शिवलिंगार्चन के बाद इन शिवलिंगों को घर-घर देने की तैयारी है। शुरुआत श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से की जाएगी। इसके लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास से वार्ता चल रही है। मंदिर प्रशासन से हरी झंडी मिलने के बाद वहीं से पार्थिव शिवलिंग भक्तों को दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि धर्मसंघ, आंध्राश्रम सहित सभी मठों व आश्रमों में भी पार्थिव शिवलिंग दिए जाएंगे। दक्षिण भारत के राज्यों के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान आदि राज्यों के आश्रमों, मठों के अलावा धार्मिक संस्थाओं को शिवलिंग दिए जाएंगे। ताकि वहां दर्शन-पूजन करने वाले भक्तों को दिया जा सके। अभी सभी पार्थिव शिवलिंग चेतसिंह किला परिसर में हैं।