संदिग्ध हाल में मिली अटैची में रखे गए कुकर की जांच करती पुलिस।
मंडुवाडीह रेलवे कॉलोनी में बुधवार को संदिग्ध हुलिया वाले एक व्यक्ति के अटैची फेंक कर भागने की सूचना से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची मंडुवाडीह पुलिस और आरपीएफ, बीडीएस का इंतजार कर ही रही थी कि अटैची का मालिक मौके पर आ गया। अटैची खुलवाई गई तो उसमें से पुराना कुकर, हॉट पाट और कुछ कपड़े निकले। लंबी पूछताछ और जांच के बाद हनुमान फाटक निवासी उस व्यक्ति को उसके परिवारीजनों को सौंप दिया गया।
मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन के सामने स्थित रेलवे कॉलोनी में बुधवार सुबह लगभग साढ़े दस बजे एक व्यक्ति द्वारा अपनी अटैची रखकर भागने की सूचना 100 नंबर पर दी गई। उसका हुलिया और हरकतें दोनों संदिग्ध बताई गईं। सूचना मिलते ही आरपीएफ और मंडुवाडीह थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। बीडीएस को भी सूचित कर दिया गया। बीडीएस के आने के पहले ही अटैची का मालिक लौट आया। उसने अपना परिचय आदमपुर थाना क्षेत्र के हनुमान फाटक निवासी जावेद अली (62) के रूप में बताया। जब उससे अटैची खुलवाई गई तो उसमें से प्रेशर कुकर, हॉट-पाट, कपड़े, माचिस आदि निकले।
जावेद के पास कोई पहचान पत्र नहीं था। उसने बताया कि वह साड़ी का कारोबारी है। आठ-नौ महीने से परिवार के साथ दिल्ली में ही रहता है। नईदिल्ली जाने के लिए उसने टिकट भी लिया था लेकिन शाम की ट्रेन होने की वजह से वह अटैची रखने स्टेशन पर बने क्लॉक रूम तक गया। वहां जगह नहीं मिली तो अटैची चाय की एक दूकान पर रखने का प्रयास किया। वहां मना कर दिया गया तो उसने कॉलोनी में एक लड़के को अटैची थमा दी और निगरानी करने को कहकर चला गया। लड़के को शक होने पर उसने 100 नंबर पर सूचना दी। शाम को पहुंचे जावेद के परिजनों ने उसका पहचान पत्र दिखाया। आरपीएफ का कहना था कि जिस तरह अटैची में दस-पंद्रह साल पुराने सामान भरे थे और पूछताछ में भी जो हाव-भाव दिखे, उससे जाहिर हो रहा था कि जावेद की मानसिक स्थिति संतुलित नहीं है। मंडुवाडीह पुलिस ने भी घर-परिवार, मुहल्लेवालों से पूरी तस्दीक की है।
वाराणसी। मंडुवाडीह रेलवे कॉलोनी से मिली जिस संदिग्ध अटैची से सालों पुराना कुकर, हॉट-पॉट और बिजली चालित चूल्हा और पुराने कपड़े बरामद हुए, उसके मालिक जावेद अली ने बताया कि इनमें ज्यादातर सामान उनकी शादी के दौरान मिले थे। उनकी पत्नी ने यह सब दिल्ली मंगाया। हालांकि उन्होंने बताया भी कि ये पुराने सामान अब किसी काम के नही हैं, बावजूद इसके पत्नी की जिद पर वह इसे दिल्ली लेकर जा रहे थे। पुलिस का दावा है कि कि जावेद और परिजनों से बातचीत में पता चला कि बीमारी और दवाओं के इस्तेमाल के चलते उनकी याददाश्त काफी कमजोर हो चुकी है। मुहल्ले वालाें का कहना है कि चार दिन पहले ही जावेद दिल्ली से आए थे।