वाराणसी। तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए निजी अस्पतालों में आईसोलेशन वार्ड बनाए जाने की कवायद तेज हो गई है। इसको देखते हुए प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री( स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन, निजी अस्पताल के डॉक्टरों,सीएमओ के साथ ऑनलाइन मीटिंग कर अधिक से अधिक निजी अस्पतालों को इसमें सहयोग करने की बात कही।
जायसवाल ने कहा कि सरकारी अस्पतालों पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए बल्कि निजी अस्पतालों को आईसोलेशन वार्ड की सुविधा प्रदान करनी चाहिए। कोविड-19 में जिन अस्पतालों का प्रयोग किया जाएगा, उन्हें बीमा से भी आच्छादित किया जाएगा।
आईएमए वाराणसी शाखा अध्यक्ष डॉक्टर आलोक भारद्वाज ने मरीजों की समस्याओं के समाधान के लिए बीएचयू सुंदर बगिया स्थित महामना कैंसर संस्थान को लेवल 2 और लेवल 3 अस्पताल के रूप में इस्तेमाल करने का सुझाव देते हुए राज्य मंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्री से इसकी गुहार भी लगाई। मीटिंग में डॉक्टरों ने राज्यमंत्री को हर संभव सहयोग के लिए आश्वासन दिया। बैठक में डॉ. एस पी यादव, डॉ.सुबोध कुमार सिंह, डॉ. अशोक राय,डॉ. एसपी सिंह, डॉ. मधुलिका सिंह, डॉ. पल्लवी मिश्रा, डॉ. मनीष चौधरी, डॉ. प्रीति गुप्ता,डॉ. एसके सिंह,डॉ. सफीक हैदर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
विशेष अभियान में लक्षण वाले मरीजों का होगा एंटीजन टेस्ट
वाराणसी। जिले में 5 से 15 जुलाई तक चलाए गए विशेष सर्वेक्षण अभियान में जिन मरीजों में कोरोना से मिलते जुलते लक्षण मिले थे अब उनका एंटीजन टेस्ट कराया जाएगा। कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर होम आईसोलेशन या जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को कमिश्नरी सभागार में बैठक के दौरान मरीजों के इलाज और जांच की समीक्षा की। बताया कि मरीजों को इलाज के लिए नियमानुसार होम आइसोलेशन या अस्पताल में भर्ती कराने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। बताया कि ऐसे मरीज जिनमें सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने के लक्षण मिले थे, उनकी तत्काल जांच कराया जाए। इसके लिए लैब टेक्नीशियन सुबह नौ बजे तक पहुंचकर जांच शुरू कर दे। इसमें किसी तरह की लापरवाही पर कार्यवाही की जाएगी।