वाराणसी। सीर गोवर्धन गांव में संत रविदास की 638वीं जयंती महोत्सव के जश्न में डूबे दुनिया भर से आए रविदास के अनुयायी बुधवार को अपनी मंजिल की ओर कूच करने लगे। वहीं, डेरा सच्चखंड बल्लां के संत निरंजन दास महाराज की दोपहर बाद विदाई हुई।
इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। शाम को बेगमपुरा एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन से भक्त पंजाब के लिए रवाना हुए। उधर, बसों की छतों पर लद कर अनुयायियों को जाते देखा गया। साथ ही देर शाम पंडालों को खोलने का काम भी शुरू हो गया।
संत रविदास की जयंती पर सीर गोवर्धन गांव में देश के कोने-कोने से तो भक्त पहुंचे ही थे साथ ही दुनिया के 20 देशों से एनआरआई भी आए थे। 70 से अधिक शिविरों में सुबह संत निरंजन दास महाराज की विदाई शुरू हुई।
रविदास जन्म स्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन निरंजन दास का आशीर्वाद लेने के लिए अनुयायियों में होड़ मची रही। दिन भर नाचने-गाने का दौर चलता रहा। कड़ी सुरक्षा के बीच सैकड़ों भक्तों के साथ संत निरंजन दास कैंट स्टेशन पहुंचे। शाम छह बजे तीन हजार से अधिक भक्त बेगमपुरा स्पेशल ट्रेन से जलंधर के लिए रवाना हुए।