उन्होंने 27 जुलाई को माटी पूजन, 28 जुलाई को कलश पूजन एवं शोभायात्रा तथा 29 जुलाई को समरसता संकल्प सभा और दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी करने पर जोर दिया। राज्यसभा सांसद शिवेश कुमार ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज सामाजिक समरसता के प्रतीक थे। उनकी 650वीं जयंती वर्ष में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से सामाजिक समानता, समरसता और भाईचारे का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रमों को व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास का आह्वान किया।
काशी क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने बताया कि समरसता संकल्प सभा में 25 हजार लोगों की सहभागिता का लक्ष्य निर्धारित कर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि माटी पूजन, कलश यात्रा और जनसभा जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की सफलता की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं पर है। सभी कार्यकर्ता आपसी समन्वय बनाकर सौंपे गए दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करें।
बैठक में 27 जुलाई के माटी पूजन से लेकर 28 जुलाई की कलश यात्रा तथा 29 जुलाई की समरसता संकल्प सभा और दीपोत्सव तक की तैयारियों, व्यवस्थाओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल, विधायक टी. राम, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष त्र्यंबक त्रिपाठी, प्रदेश मंत्री अनिल यादव, क्षेत्र मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, सह प्रभारी संतोष सोलापुरकर समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।