15 जुलाई को भी प्रभु का शृंगार और मंगला आरती के बाद दर्शन शुरू होगा, जो दोपहर 12 बजे तक चलेगा। दोपहर तीन बजे आचमन व आरती के बाद डोली यात्रा निकलेगी जो विभिन्न मोहल्लों से होकर करीब साढ़े पांच बजे तक रथयात्रा स्थित बेनीराम बाग पहुंचेगी। इसके साथ ही मेला स्थल पर पहुंचे रथ की विधिवत पूजा होगी।
108 ध्वज संग निकलेंगे महाप्रभु : भगवान जगन्नाथ डोली यात्रा के दौरान मलमल के कपड़े पर बैठेंगे। डमरू दल के साथ भक्त 108 ध्वज लहराते हुए प्रभु की अगुवाई में रथयात्रा मेले के लिए निकलेंगे। पहली बार पुरी शंकराचार्य की परंपरा अनुसार पुरी पीठ की वाराणसी शाखा के साधु-संत डोली की सफाई और गंगाजल से पवित्र और पुष्पवर्षा करेंगे। इसके बाद प्रभु को मलमल के कपड़े पर आसीन कराया जाएगा। डोली को उठाने के लिए परंपरा अनुसार आठ कहार रहेंगे।
प्लास्टिक मिला तो लगेगा जुर्माना : नगर निगम ने 16 जुलाई से शुरू होने वाले रथयात्रा मेला क्षेत्र को प्लास्टिक फ्री घोषित किया है। इसके लिए यहां दुकान लगाने वालों को शपथ पत्र देना होगा। शपथ पत्र भरने के बाद यदि कोई दुकानदार उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की ओर से कार्ययोजना बनाई गई है।
पहले दिन से शुरू होगा मंदिर निर्माण का कार्य : भगवान जगन्नाथ मंदिर के निर्माण का कार्य रथयात्रा मेले के पहले दिन ही शुरू हो जाएगा। ट्रस्ट श्री जगन्नाथ जी के सचिव शैलेश त्रिपाठी ने बताया कि राजस्थान के धौलपुर से मंदिर परिसर में बनने वाले भगवान गरुण के लिए एक ट्रक पत्थर आया है।