उत्तर प्रदेश में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की ताबड़तोड़ छापेमारी चल रही है। खबर मिली है कि एटीएस ने गुरुवार की सुबह वाराणसी में छापा मार कर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के दो कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। दोनों से ही पूछताछ चल रही है। टेरर फंडिंग से जुड़ा मामला बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों को ही पूछताछ से मिले तथ्यों के आधार पर लखनऊ ले जाया जाएगा।
देश में गुरुवार की सुबह हलचल मच गई जब नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 10 राज्यों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के ठिकानों में छापेमारी की। उत्तर प्रदेश में छापेमारी में ATS भी NIA का सहयोग कर रही है।
दोनों के मोबाइल और ई-मेल एकाउंट को खंगाला गया। दोनों के कनेक्शन पीएफआई के बड़े नेता से बताया जा रहा है। हालांकि इस बारे में एटीएस कुछ भी कहने को जल्दबाजी बता रही है। उधर, भेलूपुर के बजरडीहा, मदनपुरा, वरुणा जोन के सरैया, पुरानापुल, आदमपुरा और जैतपुरा, शिवपुर में भी पीएफआई के सक्रिय कार्यकर्ताओं के बारे में पुलिस जानकारियां जुटा रही है।
एनआईए।
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दिल्ली में पीएफआई का हेड परवेज गिरफ्तार
पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) द्वारा आतंकी फंडिंग को लेकर देश भर में एनआईए और एटीएस की छापेमारी चल रही है। नई दिल्ली में पीएफआई के हेड परवेज को गिरफ्तार किया गया। यूपी एटीएस के एक अधिकारी के अनुसार बनारस में पीएफआई से जुड़े दो सक्रिय कार्यकर्ताओं को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
pfi
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में अहम भूमिका
तीन साल पूर्व नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शहर का माहौल बिगाड़ने में पापुलर फ्रंट इंडिया के सदस्यों की भूमिका अहम थी। बेनिया और बजरडीहा में हुए बवाल के दौरान 40 से अधिक लोगों को चिन्हित किया गया था, जो पीएफआई से जुड़े हुए बताए गए थे। बरजडीहा में बवाल के दौरान पत्थरबाजी और भगदड़ में एक बच्चे की मौत हो गई थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रतिबंधित संगठन सिमी पर सख्ती के बाद उसके कई पदाधिकारी और सदस्य पीएफआई में शामिल हो गए। पीएफआई की स्थापना 2006 में हुई थी। केरल से शुरू हुआ यह संगठन मौजूदा समय में देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय है।