सामाजिक सौहार्द का संदेश देने वाली होली बारात
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भूत, प्रेत, पिशाच और होलियारों की टोली जब निकली तो होली का माहौल रंगों और गुलाल से सराबोर हो उठा। सामाजिक सौहार्द का संदेश देने वाली यात्रा में हिंन्दू और मुसलमान दोनों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
गुरुवार की शाम को प्राचीन होली बारात में गाजे-बाजे, आतिशबाजी और हाथी घोड़े के साथ बाराती निकली तो होली का हुड़दंग भी शुरू हो गया। बग्घी पर सवार दूल्हा और दुल्हन, भगवान स्वरूप में सजी झांकियों को देखने के लिए भारी संख्या में लोग जमा रहे। बारात के चल रहे जोगीरा भी होली के पारंपरिक गीत गुनगुनाते हुए चल रहे थे।
गुरुवार की देर शाम को बड़ी बाजार स्थित श्री शीतला माता मंदिर के प्रांगण से राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी, विधायक रवींद्र जायसवाल और बाइसी के सरदार कलाम सरदार ने फीता काटकर बारात को रवाना किया।
भगवान शिव के गणों के अलावा, भूत, पिशाच और विभिन्न देवी देवताओं के स्वरूप भी बारात के साथ चल रहे थे। बारात कमालपुरा, जैतपुरा छह मुहानी, आगागंज, डिगिया, गोपालगंज, डीएवी, लोहटिया, नागकुआं होते हुए फिर बड़ी बाजार पर जाकर समाप्त हुई। समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने बताया कि दो मार्च को यही बारात अपने पारंपरिक मार्ग से होते हुए दोषीपुरा में समाप्त होगी।