यह तो तय था कि रामनगर की रामलीला इस बार नहीं होगी लेकिन रामलीला प्रेमियों की भावनाओं और श्रद्धा को भी परवान चढ़ने नहीं दिया गया। रामलीला स्थल पर उन्हें दीप जलाने से भी पुलिस ने रोक दिया। इसे लेकर लीला प्रेमियों और पुलिस से तकरार भी हुई। कई लीला प्रेमी पहले से ही कह चुके थे कि चाहे लीला हो या न हो, वे रामलीला स्थल जाएंगे और मानस पाठ करके आरती करेंगे। इसके अलावा एक घाटवाक संस्था द्वारा घर घर रामलीला पुस्तक के विमोचन का कार्यक्रम भी रखा गया था।
तिथि के अनुसार, आज से रामलीला शुरू होनी थी। इधर कुंवर अनंत नारायण सिंह की ओर से रामनगर पुलिस को सूचना दे दी गई थी कि उनकी ओर से रामलीला संबंधित कोई कार्यक्रम नहीं आयोजित किया गया है। प्रो. वी एन मिश्रा, लखन लाल जौहरी, सुरेश मिश्र, योगेंद्र पाठक, विशाल जौहरी, शैलेश तिवारी, संजीव जौहरी, गोपाल जौहरी अनिल त्रिपाठी कृष्ण शंकर, आकाश जायसवाल, बाबा सोनकर और मुंशी यादव आदि रामलीला स्थल पहुंचे। यहां रामनगर पुलिस ने किसी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी। रामलीला प्रेमियों ने कम से कम एक दीप जलाकर माथा टेकने की अनुमति मांगी। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। लीला प्रेमी निराश होकर 36 वीं वाहिनी पीएसी के सामने राम जानकी मंदिर में दर्शन पूजन करने चले गए। रामनगर थाना प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि महीने भर जहां-जहां लीला होती थी वहां पुलिस तैनात रहेगी और किसी को भी कोई कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।