रमजान के मुकद्दस महीने में घर से लेकर मस्जिदों तक इबादतों का सिलसिला जारी है। सुबह की सहरी और शाम की इफ्तारी के दौरान, मस्जिदों में नमाज के वक्त कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
सोमवार को मस्जिदों में तरावीह का दौर चलता रहा। कोरोना संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए सीमित संख्या में ही लोग नमाज अदा करने पहुंच रहे हैं। हाजी इम्तियाज ने बताया कि अल्लाह रब्बुल इज्जत ने तमाम रहमतों और बरकतों को इस मुकद्दस महीने में नाजिल फ रमाया। माहे रमजान नफ्स पर नियंत्रण का महीना है। इस महीने की 21, 23, 25, 27 व 29 तारीख शबे कद्र कहलाती है जो हजार महीनों की इबादत से भी बेहतर है। इन रातों में तमाम मुस्लिम खूब इबादत करते हैं। मोमिन 20 तरीख से ईद का चांद होने तक एतेकाफ पर बैठता है। पैगंबरे इस्लाम नबी ए करीम हजरत मोहम्मद मुस्तफा फरमाते हैं कि जिसने रमजान का रोजा रखा और उसकी हुदूद को पहचाना और गुनाहों से बचता रहा तो उसके पिछले गुनाह का कफ्फारा हो जाएगा रमजान का रोजा। अल्लाह का मजीद इरशाद है, बंदा अपनी ख्वाहिश और खाने को सिर्फ मेरी वजह से तर्क करता है। जब रोजा का दिन हो तो बेहूदा बातों से दूर रहें और बुराईयों से बचें। रोजा चूंकि अल्लाह के लिए है तो रोजा रखकर बंदा अल्लाह को ही पा लेता है। तो फिर जानबूझकर कोई बंदा क्यों अपना नुकसान करेगा। इस महीने में इंसान नेकी करके अपनी बुनियाद मजबूत करता है। ऐ मेरे पाक परवरदिगार तू नबी ए करीम के सदके में हम सबको बख्श दे और रोजेदारों को ईद की खुशियों के साथ नेक इंसान बनने की तौफ ीक दे।
जारी किया रमजान हेल्पललाइन नंबर
इस्लाहे मुआशरा कमेटी जमीयत उलमा ए बनारस ने नमाज, रोजा, तरावीह, जकात, एतेकाफ सदका ए फित्र सहित अन्य मसले पर समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। किसी भी मसले को आप उर्दू, हिन्दी या रोमन में लिखकर हेल्पलाइन नंबर पर भेज सकते हैं। इस नंबर पर सिर्फ वाट्सऐप से जवाब मिलेगा। मौ. मुहम्मद कासिम कासमी 9452829049, मुफ्ती अबू स्वालेह कासमी 9984294984, मुफ्ती महमूद आलम कासमी 7800711438, मुफ्ती अहमद सईद कासमी 7897571648 और मुफ्ती मोहम्मद हमजा कासमी 7905691309 पर संपर्क कर सकते हैं। यह जानकारी जमीअत उलमा के प्रेस सचिव मुहम्मद रिजवान ने दी।