एक साल में लिखेंगे 1.25 लाख श्रीरामनाम
लेखन के लिए पंजीकरण करवाने वालों को पूरे साल में 1.25 लाख श्रीरामनाम लिखना होगा। बैंक के संचालक सुमित ने बताया कि गंगा जल, पवित्र नदी और कुएं के जल से ही स्याही बनाकर श्रीरामनाम लिखना होता है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से अमृतवेला यानी सात बजे तक प्रतिदिन 500 श्रीरामनाम लिखना है। ऐसे ही 21 माह तक प्रतिदिन 20 हजार रामनाम का पाठ करना होगा। तीन साल में 39420 जाप करना होगा।
मुस्लिम महिला ने भी लिखा श्रीरामनाम
श्रीरामनाम लेखन, पाठन व जप के लिए गैर सनातनी भी आगे आ रहे हैं। सुमित ने बताया कि पिछले साल नोएडा की एक मुस्लिम महिला ने श्रीरामनाम का कर्ज लिया है। नवंबर 2025 में उन्होंने सवा लाख रामनाम लिखकर जमा किया है। लेखन कर जमा की है। महिला ने यहां के सभी नियमों का पालन किया। बताया कि मेरे दादा जी के समय में भी कुछ मुस्लिम बंधुओं ने श्रीरामनाम लिखकर जमा किया था।