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रमापति बैंक: 99 साल में 19.52 अरब श्रीरामनाम जमा हुए, दर्शन करने को उमड़े भक्त; 11 और 52 बार लगाई परिक्रमा

Sat, 28 Mar 2026 05:33 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: राम रमापति बैंक की अनोखी पहल में भक्त “रामनाम कर्ज” लेकर एक वर्ष में निर्धारित संख्या में राम नाम लिखते हैं। पहले दिन 300 श्रद्धालु इससे जुड़ चुके हैं। जन्म अवसरों पर मंगल ध्वनि गूंजती है। यह पहल आस्था, अनुशासन और भक्ति को बढ़ावा दे रही है।
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त्रिपुरा भैरवी स्थित राम रमापति बैंक। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Ram Ramapati Bank: काशी में रामनाम बैंक भी है, जहां 99 वर्षों से अनवरत रामनाम कर्ज लिया जा रहा है और जमा किया जा रहा है। श्रीरामनवमी पर शुक्रवार को त्रिपुरा भैरवी स्थित इस बैंक में भी श्रीरामलला के जन्मोत्सव का उल्लास रहा। बैंक में अब तक जमा 19 अरब, 52 करोड़, नौ लाख, 25 हजार श्रीरामनाम की पूजा के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। प्रभु की झांकी के दर्शन किए और रामरमापति बैंक की परिक्रमा की। किसी ने 11 तो किसी ने 52 बर परिक्रमा की और श्रीरामनाम जप किया। इस दौरान देशभर से आए भक्तों ने श्रीरामनाम लिखने के लिए कर्ज लिया।

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श्रीरामनवमी पर राम रमापति बैंक का 10 दिवसीय 99वां वार्षिकोत्सव शुरू हुआ। सुबह मंगला आरती के बार दर्शन शुरू हुआ। दिन में 12 बजे प्रभु का जन्मोत्सव मनाया गया। बैंक मैनेजर दास कृष्णचंद्र ने बताया कि शनिवार से प्रभु श्रीरामलला के बालरूप और उनके विवाह तक की कथा का वर्णन होगा।

बताया कि 300 से अधिक लोगों को बैंक से श्रीरामनाम लिखने के लिए कर्ज दिया गया। इसमें श्रीरामनाम लेखन, श्रीरामनाम जप और पाठन के लिए लोगों ने पंजीकरण करवाया। उनको कागज, कलम, दवात के अलावा तुलसी, चंदन, रुद्राक्ष की माला और पठन के लिए श्रीरामनाम पुस्तिका दी गई। लोगों को श्रीरामनवमी के बाद पूरे साल में मुहूर्त निकालकर लेखन, पाठन व जप के लिए कर्ज दिया जाता है।

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एक साल में लिखेंगे 1.25 लाख श्रीरामनाम
लेखन के लिए पंजीकरण करवाने वालों को पूरे साल में 1.25 लाख श्रीरामनाम लिखना होगा। बैंक के संचालक सुमित ने बताया कि गंगा जल, पवित्र नदी और कुएं के जल से ही स्याही बनाकर श्रीरामनाम लिखना होता है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से अमृतवेला यानी सात बजे तक प्रतिदिन 500 श्रीरामनाम लिखना है। ऐसे ही 21 माह तक प्रतिदिन 20 हजार रामनाम का पाठ करना होगा। तीन साल में 39420 जाप करना होगा।
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मुस्लिम महिला ने भी लिखा श्रीरामनाम
श्रीरामनाम लेखन, पाठन व जप के लिए गैर सनातनी भी आगे आ रहे हैं। सुमित ने बताया कि पिछले साल नोएडा की एक मुस्लिम महिला ने श्रीरामनाम का कर्ज लिया है। नवंबर 2025 में उन्होंने सवा लाख रामनाम लिखकर जमा किया है। लेखन कर जमा की है। महिला ने यहां के सभी नियमों का पालन किया। बताया कि मेरे दादा जी के समय में भी कुछ मुस्लिम बंधुओं ने श्रीरामनाम लिखकर जमा किया था।

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