अरुण पाठक ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में अनगिनत लोगों ने अपना योगदान दिया। अनेक कार्यकर्ताओं ने वर्षों तक संघर्ष किया, जबकि कोठारी बंधुओं सहित कई लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। अनेक साधु-संतों ने भी आंदोलन के दौरान बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों के त्याग और समर्पण को सम्मान मिलना चाहिए तथा मंदिर व्यवस्था में उन लोगों को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए, जिनके परिवारों ने आंदोलन में योगदान और बलिदान दिया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि सनातन धर्म के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस विषय पर किसी राजनीतिक दल या विपक्ष के खिलाफ बयानबाजी नहीं करना चाहते। उनका कहना था कि यह मुद्दा राजनीति का नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था और विश्वास से जुड़ा विषय है, इसलिए इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए।