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राम मंदिर घोटाला: 'दोषियों पर हो कार्रवाई', अरुण बोले- बलिदानी परिवार के लोग बने ट्रस्टी; विपक्ष पर बरसे

Sun, 28 Jun 2026 12:00 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: हिन्दुवादी नेता अरुण पाठक ने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी और जमीन घोटाले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे सनातनियों का विश्वास मजबूत होगा और मंदिर व्यवस्था में बलिदानी परिवारों को उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
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हिंदूवादी नेता अरुण पाठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्व हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अखिल भारत हिन्दू महासभा (युवा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण पाठक ने श्रीराम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी और जमीन घोटाले के मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि श्रीराम का नाम सनातनियों के लिए सबसे बड़ा विश्वास है और यदि मंदिर से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो यह पूरे समाज के लिए अत्यंत दुखद और शर्मनाक है।

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अरुण पाठक ने कहा कि राम मंदिर में चंदा चोरी और जमीन घोटाले जैसी बातें सामने आना हर सनातनी को पीड़ा देने वाला विषय है। उन्होंने कहा कि जिसने भी इस प्रकार की गड़बड़ी की है, उसके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कठोर से कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक आस्था से जुड़े संस्थानों के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।
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उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी कार्रवाई से सनातन समाज का विश्वास पूरी तरह बहाल नहीं होगा। जरूरत इस बात की है कि दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो, जो पूरे देश के लिए उदाहरण बने। उनका कहना था कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और उसकी गरिमा हर हाल में बनी रहनी चाहिए।

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अरुण पाठक ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में अनगिनत लोगों ने अपना योगदान दिया। अनेक कार्यकर्ताओं ने वर्षों तक संघर्ष किया, जबकि कोठारी बंधुओं सहित कई लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। अनेक साधु-संतों ने भी आंदोलन के दौरान बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों के त्याग और समर्पण को सम्मान मिलना चाहिए तथा मंदिर व्यवस्था में उन लोगों को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए, जिनके परिवारों ने आंदोलन में योगदान और बलिदान दिया है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि सनातन धर्म के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस विषय पर किसी राजनीतिक दल या विपक्ष के खिलाफ बयानबाजी नहीं करना चाहते। उनका कहना था कि यह मुद्दा राजनीति का नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था और विश्वास से जुड़ा विषय है, इसलिए इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए।
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