राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की जांच वाराणसी पहुंच गई है। जांच में सामने आया कि स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक ने सैनिक सिक्योरिटी फर्म के कर्मचारियों को हाउस कीपिंग के काम के लिए लिया था। मामले में पूछताछ की जा रही है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सैनिक सिक्योरिटी फर्म का नाम सामने आने के बाद एसआईटी की जांच वाराणसी पहुंच गई है। सैनिक सिक्योरिटी फर्म के मालिक गौरव सिंह और सुपरवाइजर से एसआईटी ने पूछताछ की है।
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सारनाथ स्थित फर्म के मालिक गौरव सिंह ने बुधवार को मीडिया से कहा कि अयोध्या राममंदिर में उन्होंने कभी कोई कर्मचारी नहीं भेजा है। स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक ने कर्मचारियों को हाउस कीपिंग के काम के लिए लिया था। राममंदिर में कर्मचारी कैसे पहुंचे, यह स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक ही बता सकते हैं। फिलहाल इस पूरे प्रकरण की जांच एसआईटी कर रही है। मेरी कंपनी 26 साल पुरानी है।
उधर, एसआईटी की छानबीन में सामने आया कि कर्मचारियों को बिना सत्यापन किए ही अयोध्या राम मंदिर के कोष सुरक्षा में तैनात किया गया था। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अयोध्या शाखा ने सैनिक सिक्योरिटी एजेंसी को राम मंदिर में दान की गिनती के लिए कर्मचारी उपलब्ध कराने का ठेका दिया था। सैनिक एजेंसी ने हाउसकीपिंग के लिए मंदिर ट्रस्ट को 22 कर्मचारी दिए थे। इनमें से छह कर्मचारियों को एसआईटी ने रडार पर लिया है। सभी से एसआईटी ने पूछताछ की है।