रविदासिया धर्म के हरि निशान वाले ध्वज को फहराने के साथ सोमवार को सीर गोवर्धन में संत रविदास जयंती के उत्सव की धूम मच गई।
एक तरफ पुरुष, महिलाएं, बच्चे ढोलक की थाप पर नाचने, थिरकने लगे तो दूसरी ओर मंदिर की छतों, भवनों से पुष्पवर्षा होने लगी।
विश्व भर से रविदासिया धर्म के अनुयायियों का रेला उमड़ने से मंदिर जाने वाली सड़क पर कदम रखने की जगह नहीं थी। रंग-बिरंगे खिलौनों, झूलों और चटपटे व्यंजनों से मेला गुलजार रहा।
सीर गोवर्धन में सुबह 7:30 बजे गुरु रविदास की 639वीं जयंती पर विश्व भर से आए अनुयायियों की मौजूदगी में डेरा सच्च खंड बल्लां के संत निरंजन दास महाराज ने मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर रविदासिया धर्म के हरि निशान का ध्वजारोहण किया।
ध्वजारोहण के दौरान शिविरों के अलावा पंडाल और मेला क्षेत्र के अनुयायी उमड़ पड़े। इससे सीर गेट से लंगर हाल तक की सड़क भीड़ से पैक हो गई।
ध्वजारोहण के दौरान मंदिर की छत के अलावा आसपास के भवनों से पुष्पवर्षा हो रही थी। इस दौरान गुरु रविदास के गगनभेदी जयकारे गूंज रहे थे।
उत्साहित अनुयायियों ने ध्वजारोहण के दौरान मंदिर की छतों, बारजों से पांच कुंतल से अधिक गेंदा, गुलाब के फूल बरसाए।
मेला क्षेत्र में जगह-जगह एमपी, बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा की संगतें समूहों में बैठकर भजन गाती रहीं। भजनों की गूंज पर महिलाएं नाचती रहीं। लोग आस्था और उत्साह के रंग में चौतरफा रंगे नजर आए।