गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण शनिवार की शाम को घाटों का आपसी संपर्क टूट गया। जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा में नौका संचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। लगातार पांचवें दिन गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव का सिलसिला जारी होने से तटवर्ती इलाकों में रहने वालों की धुकधुकी बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग की बाढ़ बुलेटिन के अनुसार शनिवार को गंगा का जलस्तर 65.80 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ाव का सिलसिला बना है। प्रयागराज, फाफामऊ और मिर्जापुर में भी तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। यही कारण है कि बनारस में गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव हो रहा है।
प्रतिबंध के बाद भी गंगा में नौकायन
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नमो घाट का फर्श पूरी तरह से डूब गया है। शीतला घाट और दशाश्वमेध घाट का आपसी संपर्क भी खत्म हो गया है। उधर, राजघाट, प्रह्लाद घाट, रानी घाट, गोला घाट, गाय घाट, पंचगंगा घाट और ब्रह्मा घाट समेत आस पास के घाटों का आपसी संपर्क मार्ग टूट गया है। मणिकर्णिका घाट के रैंप पर पानी चढ़ने के कारण शवदाह के लिए आने वाले लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों ने बयाया कि इससे पहले गंगा के पानी में इतनी तेजी से कभी उतार चढ़ाव नहीं देखा था। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 66 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।