इससे पहले सर्वे में चार टीमों ने ज्ञानवापी हॉल, तहखाना, पश्चिम दीवार, बाहरी दीवार का कोना-कोना छाना। माप-जोख भी की गई। दीवारों व उसके आसपास से साक्ष्य जुटाए गए। वजूखाने को छोड़कर पूरे परिसर का सर्वे होना है। सर्वे के बाद परिसर से बाहर आए महिला वादिनी और हिंदू-मुस्लिम पक्ष के अधिवक्तओं ने पूरी प्रक्रिया पर खुशी जताई और कहा कि एएसआई की टीम वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है।
ज्ञानवापी परिसर से बाहर निकलते एएसआई टीम के सदस्य
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ज्ञानवापी से बाहर निकलने के बाद हिंदू पक्ष ने तहखाने में मूर्तियों के अवशेष मिलने का दावा किया। वादिनी चार महिलाओं के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि नंदी के सामने जो व्यास जी का तहखाना है। वहां से मूर्तियों के अवशेष मिले हैं। एएसआई गहराई से अध्ययन करते हुए बारीकी से सर्वे कर रही है। मुस्लिम पक्ष पूरी तरह से सहयोग कर रहा है। पश्चिमी दीवार को देख और समझ कर सर्वे के लिए विशेषज्ञ की टीम लगी हुई है। यह सर्वेक्षण अधिवक्ता आयुक्त की कमीशन की कार्रवाई से बहुत ही अलग है। इसका स्वरुप व्यापक है और यहां सब कुछ वैज्ञानिक पद्धति से हो रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था व्यवस्था चाक चौबंद
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ज्ञानवापी में सर्वे के कारण बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी दिखी। श्री काशी विश्वनाथ धाम के बाहर माला-फूल बेचने वालों ने बताया कि दो दिनों से बाहर से आए दर्शनार्थियों की संख्या अधिक है। स्थानीय दर्शनार्थियों की संख्या कम हुई है। वहीं, विश्वनाथ धाम के दुकानदारों ने बताया कि सावन के कारण रोजाना दर्शन-पूजन करने आने वालों की संख्या एक लाख से अधिक ही रहती थी, लेकिन दो दिनों से यह संख्या घट गई है। आम श्रद्धालु सुरक्षा के ताम-झाम से बचना चाहते हैं और संभवत: इसी वजह से उनकी संख्या कम हुई है।
ज्ञानवापी के सर्वे को लेकर कमिश्नरेट की पुलिस के द्वारा अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। गोदौलिया चौराहा से बांसफाटक, चौक, बुलानाला होते हुए मैदागिन तक सुबह से शाम तक फोर्स का चक्रमण लगातार जारी रहा। जगह-जगह बैरिकेडिंग के बीच सिर्फ पैदल ही लोगों को आवाजाही की इजाजत थी। वहीं, श्री काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर चार के सामने पुलिस और जवानों के साथ ही आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के कमांडो मोर्चा संभाले रहे।