उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के आह्वान पर वाराणसी के रेल कर्मचारियों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। सिक लाइन के समक्ष यूनियन की जनरल एवं मैकेनिकल शाखा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शाखा अध्यक्ष रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में केंद्र सरकार और रेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग की।
जनरल शाखा के मंत्री विन्ध्यवासिनी यादव ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन 6 अप्रैल से शुरू होकर 10 अप्रैल तक उत्तर रेलवे की सभी शाखाओं में निरंतर चलेगा। यूनियन की मुख्य मांगों में पुरानी पेंशन की बहाली, महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों का भुगतान, ठेकेदारी प्रथा को बंद कर रिक्त पदों को भरना और आठवें वेतन आयोग में 3.5 फिटमेंट फैक्टर लागू करना शामिल है। इसके अलावा, रेल कर्मियों ने रेलवे से प्रशिक्षित अप्रेंटिस युवाओं को रोजगार देने और लॉर्जेस स्कीम को पुनः लागू करने की भी मांग की। मैकेनिकल शाखा के मंत्री अरुण कुमार द्विवेदी ने कहा कि रेलवे में कार्यभार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उस अनुपात में संसाधनों और सुविधाओं में वृद्धि नहीं हो रही है। विरोध प्रदर्शन में शाखा अध्यक्ष रामेश्वर सिंह, विन्ध्यवासिनी यादव, अरुण कुमार द्विवेदी, रंजीत कुमार आदि मौजूद रहे।