जून माह के बाद ट्रेनों के पेंट्रीकारों में यात्रियों के लिए नाश्ता और खाना नहीं पकेगा। सिर्फ पेंट्रीकार के चूल्हे पर आपातकालीन स्थिति में चाय, पानी और दूध गर्म होंगे। रेलवे स्टेशनों के आसपास इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के बेस किचन बंद हो जाएंगे। आईआरसीटीसी कलस्टर पर पेंट्रीकार को संचालित करने की तैयारी में है। यानी यात्रियों के लिए निजी बेस किचन खोले जाएंगे, जहां तैयार नाश्ता और भोजन ट्रेनों में उपलब्ध कराया जाएगा।
रेलवे बोर्ड के आदेश पर ट्रेनों की खानपान व्यवस्था बदल जाएगी। नई व्यवस्था के तहत एक रूट पर चलने वाली ट्रेनों में एक तरह का ही गुणवत्तापरक नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। एजेंसियों को समूह में पेंट्रीकार संचालित करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। एक एजेंसी के जिम्मे एक रूट की पांच से सात ट्रेनों के पेंट्रीकार के संचालन की जिम्मेदारी होगी। नामित एजेंसी स्टेशनों के आसपास बेस किचन तैयार करेंगी। आईआरसीटीसी पूर्वोत्तर रेलवे ने 80 ट्रेनों के पेंट्रीकार को कलस्टर के रूप में संचालित करने की तैयारी शुरू कर दी है। टेंडर भी मांगे जा रहे हैं। अभी एक एजेंसी को एक या दो ही ट्रेनों के पेंट्रीकार की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
पखवारे और महीने में होती रहेगी औचक जांच
रेल अधिकारियों के अनुसार कलस्टर पर खोले जाने वाले निजी बेस किचन में खानपान का समय-समय पर औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। रेलवे के खानपान निरीक्षक, सीएचआई, आईआरसीटीसी के मुख्य पर्यवेक्षक समेत अन्य रेल अधिकारी भी पखवारे और महीने में जांच करेंगे। खानपान का नमूना लेकर लैब भी भेजा जाएगा। इसके पीछे का मकसद, निजी बेस किचन की गुणवत्ता को बरकरार रखना है।
यह नई व्यवस्था जून माह के बाद से शुरू होगी। टेंडर आदि की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यात्रियों को बेहतर खानपान उपलब्ध कराने का प्रयास है। - अजीत सिन्हा, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, आईआरसीटीसी