कैंट रेलवे स्टेशन के पूछताछ केंद्र के बाहर बैठे यात्री।
- फोटो : अमर उजाला
Railway News: होली के बाद महानगरों को लौटने वाले यात्रियों की राह आसान नहीं है। लंबी दूरी की ट्रेनों में कंफर्म सीट के लिए यात्री परेशान है। नई दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, दक्षिण भारत को जाने वाली ट्रेनों में सीट नहीं मिलने के कारण वेटिंग टिकट पर ही यात्री जैसे, तैसे सफर करने को बाध्य हैं।
जनरल और स्लीपर में फर्श पर यात्रा करने को विवश है। स्पेशल ट्रेनों की लेटलतीफी के चलते यात्रियों का मोह उससे भंग हैं। नई दिल्ली जाने वाली सुबह की वंदे भारत ट्रेन में सीट कंफर्म मिल रही है।
सोमवार की रात बनारस स्टेशन से शिवगंगा, बलिया-नई दिल्ली सुपरफास्ट और दोपहर में काशी विश्वनाथ, कैंट से श्रमजीवी, फरक्का समेत अन्य ट्रेनों में सीट को लेकर यात्री परेशान हुए। विंडो टिकट पर फर्श पर ही यात्रा करने को विवश हुए।
25 फरवरी तक महत्वपूर्ण ट्रेनों में कंफर्म सीटें नहीं हैं। यही हाल, मुंबई जाने वाली महानगरी, पवन, कामायनी, बनारस-एलटीटी, गोरखपुर-एलटीटी समेत अन्य ट्रेनों का रहा है। इसमें किसी भी श्रेणियों में 31 मार्च तक कंफर्म सीटें नहीं है।
15018 एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस में तो 31 मार्च को स्लीपर में नो रूम है। सीटें रिग्रेट हैं। स्पेशल ट्रेनें भी फुल हैं। किसी श्रेणियों में टिकट नहीं हैं। यात्री कंफर्म सीट के लिए टिकट एजेंटों के यहां चक्कर काट रहे हैं। मुंबई के लिए सबसे अधिक मारामारी है।