गांव की महिलाएं अपना खुद का उद्योग लगा सकेंगी। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत 15-15 महिलाओं के समूह को लद्यु उद्योग से जोड़ा जाएगा। एक ही छत के नीचे महिलाएं अपना उद्योग शुरू कर सकेंगे। कलस्टर के तहत उत्पाद की पैकेजिंग और मार्केटिंग की भी व्यवस्था होगी।
काशी विद्यापीठ, सेवापुरी, आराजीलाइन, बड़ागांव आदि ब्लॉक में 10 से 15 महिला समूह संचालित हो रहे हैं। ऐसी महिलाएं जो कुछ कर सकती हैं, उनका चयन किया जा रहा है। हुनरमंद 15-15 महिलाएं समूह में शामिल रहेंगी। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत इन महिलाओं के समूह को बैंकाें से आसान ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराया जाएगा। विभाग इन महिलाओं के समूह को प्रशिक्षण दिलवाएगा। खास बात ये कि इन महिलाओं को जीआई उत्पादों के हस्तशिल्पी भी प्रशिक्षण देंगे, ताकि जीआई उत्पादों के उत्पादन में भी महिलाएं सहयोग कर सकें।
उद्योग अधिकारियों के अनुसार समूह की महिलाएं लकड़ी के खिलौने, बनारसी साड़ी, चटाई, फूल, माला, आचार, पापड़, मोमबत्ती, अगरबत्ती, पूजा सामग्री बनाने से लेकर उसे बेचने का तक का काम करेंगी। शृंगार, होजरी, बुटीक समेत 25 तरह के कार्य करेंगी। बाजार में उत्पादों की बिक्री के लिए समूह की लीडर व्यापारियों और दुकानदारों से संपर्क करेंगी। उपायुक्त उद्योग मोहन शर्मा ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई योजनाएं संचालित हो रही हैं। लोकसभा चुनाव आचार संहिता हटने के बाद योजनाएं क्रियाशील हो जाएंगी।