वाराणसी। कोरोना काल के दौरान अब पूर्वोत्तर रेलवे के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार को पहुंचने वाले मरीजों को उम्मीद कार्ड जारी किया जाएगा। कंप्यूटराइज्ड उम्मीद कार्ड पर दर्ज कोड के जरिए चिकित्सक एक क्लिक में मरीज का पूरा विवरण, पहले की बीमारी और उपचार से जुड़ी अन्य जानकारी मालूम कर सकेंगे। रेलकर्मियों और सेवानिवृत्त कर्मियों को भी इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। पूर्वोत्तर के किसी भी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में यह सुविधा रेलकर्मी प्राप्त कर सकते हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे के सभी चिकित्सालयों एवं चिकित्सा यूनिटों में हास्पिटल इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (एचआईएमएस) लागू किया जा रहा है। इस प्रणाली से रोगियों के उपचार से संबंधित समस्त विवरण ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। मरीजों का विवरण, उनके रोग की हिस्ट्री, उपचार, जांच रिपोर्टों व दवाओं का समस्त विवरण कंप्यूटर में सुरक्षित रहेगा। आउटडोर मरीज को कंप्यूटराइज्ड टोकन दिया जाएगा, जिसे लेकर वह संबंधित चिकित्सक से संपर्क कर अपना रोग बताएगा, इसके बाद कंप्यूटर पर जानकारी अपलोड करने के साथ ही उपचार व दवाओं का विवरण भी लिखा जाता है। इसे फार्मेसी को फारवर्ड कर दिया जाएगा और यह देखकर मरीज को दवा दी जाएगी। इनडोर रोगी के लिए लगभग यही व्यवस्था रहेगी। चिकित्सक स्वयं आकर इनडोर मरीज से रोग संबंधित समस्त जानकारी एवं उपचार अपलोड करेंगे। जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि मंडलीय चिकित्सालय एवं हेल्थ यूनिटों में एचआईएमएस को लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। सभी चिकित्सालयों को एक-दूसरे से ऑनलाइन कनेक्ट किया जाएगा।