राहुल गांधी के विरुद्ध अभियोजन चलाने के लिए केंद्र सरकार की स्वीकृत नहीं ली गई है, इसलिए प्रार्थना पत्र पोषणीय नहीं है, इसे निरस्त किया जाता है। इस आदेश के खिलाफ नागेश्वर ने सत्र न्यायालय में अपील दाखिल की थी। इस पर सोमवार को सुनवाई हुई और अदालत ने निगरानी वाद को स्वीकार कर लिया। साथ ही एसीजेएम-4 के आदेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने मामले की सुनवाई नए सिरे से करने का आदेश दिया है।