पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से सर पर कफन बांध कर दिल्ली पहुंचे किसानों ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की।
ट्रांसपोर्ट नगर के किसानों की समस्या को लेकर किसान खेत मजदूर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकत की। इस दौरान उन्होंने काशी के किसानो की व्यथा के बारे में बताया और उसे दूर करने के लिए कुछ ठोस पहल कराने पर चर्चा की।
किसान खेत मजदूर कांग्रेस उत्तर प्रदेश के प्रदेश संयोजक विनय शंकर राय मुन्ना के नेतृत्व में राहुत गाधी से मुलाकत के दौरान मोदी सरकार की ओर से भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के सेक्सन 24 धारा 5 (1) पर चर्चा की।
किसानों ने बताया कि में स्पष्ट प्रावधान है कि योजना पांच वर्ष में विकसित होकर लागू नहीं होती है तो स्वत: निरस्त मानी जाएगी। इसके आधार पर किसान विरोधी मोहनसराय ट्रांसपोर्ट नगर योजना जिसको कानून के आधार पर रद्द हो जाना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार किसानों की जमीन कानून के प्रावधान को ताक पर जमीन लेना चाहती है। इस दौरान राहुल गांधी ने किसानों की ओर अपने क्षेत्रीय सांसद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खून से लिखा मार्मिक खत देखा।
प्रतिनिधि मंडल का संचालन कर रही उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश सचिव श्वेता राय ने बताया कि 30 अप्रैल को बुजुर्ग बद्री यादव ने अपना खून निकालकर पत्र लिखा है।
लेकिन जब किसानों ने संसदीय कार्यालय को यह पत्र देने गए तो मोदीजी के कार्यालय प्रभारी ने पुलिस के बल पर किसानों को बलपूर्वक भगा दिया। इस पर किसानों ने उसी जमीन पर दफन होन की बात कही। इससे वे भावुक हो गये, कहे कि अब वाराणसी ट्रांसपोर्ट नगर के किसानों की लड़ाई कांग्रेस पार्टी लड़ेगी। इसकी शुरूआत वाराणसी से ही होगी।
इस दौरान किसानों ने रिंग रोड में किसानों की जमीन का मुआवजा, काशीविश्वनाथ परिक्षेत्र में पौराणिक महत्व वाले मन्दिरों के साथ गंगा के अस्तित्व पर आये संकट के सन्दर्भ में और ठेला पटरी व्यवसायियों को असंवैधानिक तरीके से उजाड़ने के मुद्दे की जानकारी दी गई।