बलिया में बीते माह हुए रागिनी हत्याकांड में बुधवार को नया मोड़ आ गया। रागिनी के पिता एक तरफ जहां न्याय वहीं बुधवार को आरोपी ग्राम प्रधान की पत्नी आत्मदाह की चेतावनी की चेतावनी दे दी है। उनका कहना है कि उनके पति और बेटे को फंसाया गया है।
बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के बजहां गांव में आठ अगस्त को छात्र रागिनी की हत्या में आरोपी बनाए गए ग्राम प्रधान की पत्नी निशा तिवारी ने बुधवार को जिलाधिकारी को पत्रक देकर न्याय की गुहार लगाई है।
मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक में कहा कि रागिनी हत्याकांड में उसके पुत्र, पति समेत अन्य परिजनों को फंसाया गया है। सभी बेगुनाह हैं। पुलिस की विवेचना पर संदेह है, इसलिए मामले की जांच सीबीआई और सीबीसीआईडी से कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यदि 01 अक्टूबर तक कोई कार्रवाई नहीं की गई तो 02 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास के सामने अपनी पुत्री के साथ आत्मदाह करेंगी।
पत्रक में पत्नी निशा तिवारी ने कहा कि रागिनी की हत्या से वह भी दुखी हैं, लेकिन गांव में पार्टीबंदी के चलते उसके पुत्र प्रिंस, पति कृपाशंकर व अन्य परिजनों को आरोपी बना दिया गया है।
हत्या की ईमानदारी से जांच हुई तो सच्चाई सामने आ जाएगी। उसने बताया कि हत्याकांड के बाद बिना कुछ जांच पड़ताल किए ही उसके परिजनों को बर्बरतापूर्ण कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया।
मालूम हो कि 08 अगस्त को बजहां गांव में जितेंद्र दूबे की पुत्री रागिनी की स्कूल जाते समय गांव के बाहर सड़क पर काली मंदिर के पास धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव के प्रधान पुत्र प्रिस तिवारी समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है।