Varanasi News: वाराणसी में तीन महीने में एसओजी-2 ने छह जगहों पर छापा मारा और गोरखधंधे का खुलासा किया। अब यहां होटल नहीं, अपार्टमेंट और स्पा सेंटर में देह व्यापार का धंधा चलाया जा रहा है। हैरानी की बात है कि एलआईयू को भनक तक नहीं लगी।
वाराणसी शहर में देह व्यापार होटल और लॉज पर बढ़ी सख्ती के बाद अपार्टमेंट, फ्लैट और स्पा सेंटरों में शिफ्ट हो चुका है। एसओजी-2 के छापे में सिगरा के एक अपार्टमेंट में किराये पर कमरा लेकर देह व्यापार का धंधा चलता पाया गया। साथ ही एक स्पा में भी देह व्यापार चल रहा था। दोनों जगहों से थाना और चौकी 500 मीटर के दायरे में है और इसकी भनक न तो स्थानीय पुलिस को लगी न ही एलआईयू को। तीन महीने में एसओजी-2 ने छह जगहों पर छापा मारा और गोरखधंधे का खुलासा किया।
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एसओजी ने सूत्रों और गोपनीय नेटवर्क के आधार पर पहले तस्दीक की और एक-एक लोकेशन की पुष्टि कर कार्रवाई की। ज्यादातर केस में सामने आया कि स्पा की आड़ में देह व्यापार चल रहा था। हाल ही में हुई कार्रवाई में चार मामले फ्लैट और अपार्टमेंट के सामने आए। ग्राहकों के साथ कई युवतियों को भी पकड़ा गया।
भोजूबीर में चार मंजिला मकान में पकड़ा गया था देह व्यापार
मई में भोजूबीर में एक इमारत में रेस्टोरेंट की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़ हुआ था। ग्राहकों के लिए एक बड़े कमरे को अलग-अलग केबिन के रूप में बदला गया था। एडीसीपी और एसीपी ने सादे कपड़ों में रात आठ बजे छापा मारा था। जांच में पता चला कि ग्राहकों से ऑनलाइन संपर्क कर पैसे लिए जाते थे।
सितंबर में सारनाथ में हुआ था देह व्यापार का पर्दाफाश
सारनाथ के टड़िया चाकबीही में छापा मारकर देह व्यापार के धंधे को उजागर किया गया था। यहां एक अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल पर स्पा की आड़ में संचालिका समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया था। जांच के दौरान आपत्तिजनक सामग्री मिली थी।
अगस्त में भेलूपुर में घर में देह व्यापार का पर्दाफाश
एसीपी के साथ एसओजी-2 ने भेलूपुर थाना के शीलनगर तुलसीपुर में एक घर में संचालित देह व्यापार का भंडाफोड़ किया था। पांच युवतियों के अलावा संचालक समेत आए लोगों को एसओजी-2 ने पकड़ा था। जिस मकान में रैकेट पकड़ा गया वह किराये का पर था।
चितईपुर थाना के हैदराबाद के पास एक गेस्ट हाउस में छापा मारा गया तो नौ महिलाएं समेत 16 लोग मिले। जिसमें कुछ वर्कर भी थे। जांच में आपत्तिजनक सामग्री के साथ ही ये पाया गया कि बुकिंग ऑनलाइन होती थी। मामला तब खुला जब एक ग्राहक से पैसे का विवाद हुआ।