बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल के दौरान 215 शैक्षणिक पदों पर हुई नियुक्तियों पर सवाल खड़ा हो गया है। इसको लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति इरशाद अली की खंडपीठ ने इस मामले में दायर याचिका की सुनवाई में पूर्व में 12 अक्तूबर, 2017 को नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में जारी उस आदेश के साथ जोड़ा है, जिसमें नियुक्तियों के लिए रोस्टर नियमों को गलत तरीके से लागू करने को चुनौती दी गई थी।
प्रो. त्रिपाठी के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों को लेकर हाईकोर्ट में डॉ. अंगद कुमार सिंह व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि पूरे मामले में अदालत का जो अंतिम फैसला होगा, वही मान्य होगा।
अगली सुनवाई जनवरी 2018 के तीसरे हफ्ते में होगी। प्रो. त्रिपाठी के कार्यकाल में जारी विज्ञापन में 500 पदों के लिए आवेदन आए थे। इनमें 215 पदों पर नियुक्तियां हुई थी।