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यूपी: दूसरे राज्यों से लौटे लोग क्वारंटीन के बाद घर को रवाना हुए, चेहरे पर दिखी खुशी

Mon, 13 Apr 2020 04:19 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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घर को रवाना हुए लोग। - फोटो : अमर उजाला।
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चंदौली जिले के चंदासी क्षेत्र स्थित एक महाविद्यालय में क्वारंटीन किए गए दो सौ लोगों को सोमवार को जिला प्रशासन ने बसों से उनके घरों के लिए रवाना कर दिया। इसके पहले सभी लोगों के स्वास्थ्य की जांच दस सदस्यीय मेडिकल टीम ने की। घर जाते वक्त सभी के चेहरों पर अपनों से मिलने की खुशी नजर आई।

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कोरोना संक्रमण के फैलते ही देश में इसके पांव पसारने का भय पनप गया। इसके बाद 25 मार्च से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में लॉकडान की घोषणा कर दी। अन्य प्रदेशों में कार्य करने वाले उत्तर प्रदेश के लोग वहां फंस गए। घर को लौटने के लिए सभी बेताब हो गए। कइ लोग पैदल ही घरों के लिए रवाना हो गए।

इस विकट परिस्थितियों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के बसों की सुविधा शुरू की। इसी क्रम में जिले के रहने वाले लोगों को बसों से 29 मार्च को जनपद में लाया गया। इस दौरान विभिन्न बसों के 200 लोगों को लाया गया। संक्रमण के रोकथाम के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से इन लोगों को पीडीडीयू नगर के चंदासी स्थित एक महाविद्यालय में क्वारंटीन कर दिया गया।

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जहां सभी का मेडिकल परीक्षण के बाद खाने से लेकर इनक मनोरंजन तक की व्यवस्था की गई। हालांकि शुरुआती दिनों में लोगों को कुछ परेशानी हुई लेकिन बाद में सब ठीक हो गया। सोमवार को क्वारंटीन के 14 दिन पूरा होने के बाद जिला प्रशासन ने मेडिकल टीम से इनके स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सभी को बसों से उनके घरों के लिए रवाना कर दिया गया।

कंट्रोल रूम से इनके स्वास्थ्य पर रहेगी निगरानी
पीडीडीयू नगर के चंदासी स्थित क्वारंटीन से घरों के लिए भेज गए लोगों पर कंट्रोल रूम के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। एसडीएम पीडीडीयू तहसील कुमार हर्ष ने बताया कि क्वांरटीन से भेजे जाने से पहले सभी का स्वास्थ्य सही मिला है। इसके बाद भी उन्हें घर में ही रहने की सलाह दी गई है। वहीं कंट्रोल रूम भी लगातार इनके स्वास्थ्य की निगरानी रखेगा।
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घर जाने की खुशी दिखी चेहरे पर
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बाहर से लाए गए लोगों को चंदासी स्थित एक महाविद्यालय में क्वारंटीन किया गया था। सोमावर को 14 दिन पूरा होने के बाद जब प्रशासन की ओर से उन्हें घर भेजा जा रहा था तो कोरोना को लेकर चिंता तो थी लेकिन घर जाने की खुशी भी नजर आई।

घर जाते वक्त आलोक यादव ने बताया कि एक-दो दिन खाने को लेकर थोड़ी परेशानी हुई लेकिन बाद में सबकुछ सामान्य हो गया। अनुज कुमार ने बताया कि क्वांरटीन और घर में अंतर होता है लेकिन यह सब हम लोगों की बेहतरी के लिए प्रशासन की ओर से किया गया था। धनंजय ने बताया कि कुछ दिनों तक अंदर ठीक व्यवस्था नहीं की गई थी। बाद में अंदर सुविधाएं उपलब्ध हो गई थी।
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