सपा नेता बोले- करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने किया हमला
सपा नेता हरीश मिश्रा ने बताया कि वह हनुमानजी का दर्शन करने के लिए अपने घर से मंदिर जा रहे थे। उसी दौरान आठ-नौ लोगों ने उन्हें घेर लिया। सभी ने उनसे कहा कि करणी सेना के खिलाफ अनाप-शनाप बोलते हो। इसके बाद सभी उन्हें पीटते हुए उन पर चाकू से हमला किए।
उनके शोर मचाने पर स्थानीय लोग दौड़े तो दो हमलावर पकड़े गए और अन्य भाग निकले। हरीश मिश्रा ने कहा कि उन पर हमला करने वाले करणी सेना के कार्यकर्ता हैं।
करणी सेना से लेना-देना नहीं, कुलदेवी मां करणी पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी
अविनाश और स्वास्तिक ने कहा कि उनका करणी सेना या किसी राजनीतिक दल से कोई लेनादेना नहीं है। कुछ दिन पहले हमारी कुलदेवी मां करणी और महापुरुष राणा सांगा को लेकर हरीश मिश्रा ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी संबंध में दोनों हरीश मिश्रा से बात करने आए थे। मगर, हरीश मिश्रा ने अपने मुहल्ले में अपने लोगों के साथ उन पर हमला कर दिया।
बोले अधिकारी
दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। दोनों पक्षों की तहरीर के आधार मुकदमा दर्ज कर मेडिकल मुआयना कराया गया है। दोनों पक्ष से तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों में से कोई भी करणी सेना का पदाधिकारी या कार्यकर्ता नहीं है। - सरवणन टी, एडीसीपी, काशी जोन
सपा नेता हरीश मिश्रा व स्थानीय लोग।
- फोटो : अमर उजाला
सपा के चार नामजद नेताओं और 50 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज
थाने के घेराव, जाम लगाने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने का आरोप लगाकर काशी विद्यापीठ के चौकी इंचार्ज विकल्प कुमार शांडिल्य ने शनिवार की देर रात सपा नेता हरीश मिश्रा, शमीम नोमानी, दिनेश कुमार और रवींद्र कुमार के खिलाफ नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
शमीम नोमानी लोहता की सपा पार्षद रिजवाना के पति हैं। एडीसीपी काशी जोन ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सिगरा थाने का घेराव कर प्रदर्शन करते हुए पुलिस के कामकाज में बाधा पैदा की है।
प्रदर्शन की वजह से सिगरा थाने की सड़क पर जाम लग गया था। इसके चलते आमजन को आवाजाही में दिक्कत हुई। इसलिए पुलिस की ओर से सिगरा थाने में सपा नेताओं और सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। प्रदर्शन की वजह से थाने में अफरा-तफरी का माहौल रहा। आम फरियादी सिगरा थाने के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा की
हरीश मिश्रा के प्रकरण को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर फोटो साझा की। उन्होंने लिखा कि समाजवादी पार्टी के जुझारू और प्रखर वक्ता व बनारस वाले मिश्राजी के नाम से लोकप्रिय हरीश मिश्रा पर चाकू से किया गया कातिलाना हमला बेहद निंदनीय है।
उनके रक्तरंजित वस्त्र उत्तर प्रदेश में ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था की निशानी है। सपा का हर कार्यकर्ता ऐसे हमलों को झेलने की शक्ति रखता है। देखते हैं कि उत्तर प्रदेश की तथाकथित सरकार के क्रियाहीन शरीर में इस घटना के बाद कोई हलचल होती है या नहीं।
टिप्पणी पर हरीश मिश्री को मिली थी माफी मांगने या इंश्योरेंस कराने की नसीहत
सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन और करणी सेना के बीच छिड़ी रार को लेकर हरीश मिश्रा ने भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट की थी। इसपर अविनाश मिश्रा ने हरीश मिश्रा को माफी मांगने या फिर अपना इंश्योरेंस कराने की नसीहत दी थी। इसे लेकर कमिश्नरेट की सोशल मीडिया सेल और पुलिस दोनों के स्तर ही उदासीनता बरती गई। नतीजतन, सरेराह सड़क पर मारपीट हुई।
आरोपी युवकों का करणी सेना से कोई ताल्लुक नहीं : आलोक
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह ने कहा कि हरीश मिश्रा से जिन युवकों की झड़प हुई है, उनका हमारे संगठन से कोई ताल्लुक नहीं है। करणी सेना में सिर्फ क्षत्रिय समाज के लोग रहते हैं। आरोपी दोनों युवक ब्राह्मण समाज से आते हैं। दोनों युवकों को पता होगा कि करणी सेना के लोग शनिवार को जिले में नहीं हैं। इस वजह से यह सब सुनियोजित तरीके से किया गया है।