दुर्गाकुंड निवासी अग्रवाल समाज के संस्थापक भारतरत्न डॉ. भगवान दास के प्रपौत्र अर्चित ने यूपीएससी में 357वीं रैंक हासिल की है। इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडलिस्ट पिता अनुपम देवा और अर्थशास्त्र से एमए मां पारुल देवा के पुत्र अर्चित स्कूल के समय से ही मेधावी थे।
डीपीएस वाराणसी से स्कूल शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने क्लैट में 66वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद 2022 में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी हैदराबाद से कानून में स्नातक किया। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का दौरा भी किया। अर्चित के बड़े भाई आयुष भी 2015 में डीपीएस वाराणसी से सीबीएसई के जिला टॉपर थे।
यूपीएससी 2023 में बीएचयू के मेधावियों ने भी कमाल किया है। 2018 से 2021 तक राजनीति शास्त्र (ऑनर्स) से स्नातक की छात्रा रह चुकीं बिहार लोकसेवा आयोग की टॉपर प्रियांगी मेहता ने यूपीएससी की परीक्षा में इस बार 261वीं रैंक हासिल की है।
बीपीएससी की पिछली परीक्षा में प्रियांगी ने कमाल किया था। बीएचयू से स्नातक करने के बाद वह पटना में रहकर संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रहीं थीं। यही वजह है कि बीपीएससी टॉप करने के बावजूद वह यूपीएससी के लिए जी-जान से जुटी रहीं।
उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पटना से की थी। उन्होंने कहा कि आज के जमाने में इंटरनेट तैयारी का सबसे बड़ा माध्यम साबित हो रहा है। प्रियांगी की दो बहनें बीकॉम और नीट की तैयारी कर रहीं हैं।
बिहार के मोतिहारी निवासी अमजद अली के बेटे अफजल अली ने 2017 से 2020 तक बीएचयू में भूगोल (ऑनर्स) की पढ़ाई की। उनके पिता सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। बिहार सैनिक स्कूल से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट पास अफजल बनारस के लंका क्षेत्र में किराये पर कमरा लेकर अपनी बहन के साथ यूपीएससी की तैयारी में जुटे थे।
बहन बीएचयू से अर्थशास्त्र (ऑनर्स) में बीए अंतिम वर्ष की छात्रा है। अफजल ने यूपीएससी के तीसरे प्रयास में 572वीं रैंक हासिल करने में सफलता पाई। 2021 में पहले प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंचे थे। 2022 के दूसरे प्रयास में प्रीलिम्स भी नहीं निकाल पाए थे। उन्होंने कहा कि तैयारी के दौरान मन में दुविधाएं आती हैं, लेकिन लक्ष्य तय कर सतत आगे बढ़ते रहना चाहिए।
जौनपुर के सुइथाकलां के पिपरौल गांव निवासी सृष्टि मिश्रा ने 95वीं रैंक हासिल की है। उनका चयन आईपीएस में हुआ है। सृष्टि को दूसरे प्रयास में सफलता मिली। पिता आईएफएस आदर्श कुमार मिश्र ब्राजील दूतावास में अवर सचिव हैं। सृष्टि की 12वीं की पढ़ाई ब्राजील में की।
चंदौली के कंदवा की कृति त्रिपाठी ने यूपीएससी 2023 के परिणाम में 149वीं रैंक हासिल की है। बरहनी गांव निवासी उपेंद्र प्रकाश त्रिपाठी की बेटी फरवरी में पीसीएस की परीक्षा में 17वां रैंक हासिल कर डिप्टी जेलर बनी थी। पिता उपेंद्र ने बताया कि बिटिया ने पहले प्रयास में ही सफलता हासिल की है।
भदोही के ज्ञानपुर से सटे कुशौली निवासी विनोद भट्ट के दो बेटों में बड़े ऋषभ ने अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा को क्लीयर कर लिया। स्कूल संचालक पिता विनोद ने बताया कि 2014 में हाईस्कूल की परीक्षा में उसने सीबीएसई में जनपद में टाॅप किया।
गाजीपुर के दिलदारनगर से पश्चिम बंगाल के कोलकाता के प्रमुख उद्यमी और जिले की सेवराई तहसील के उसिया (दक्षिण मुहल्ला) गांव निवासी सिराज अहमद खान की पुत्री साइमा ने अखिल भारतीय लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित लोक सेवा परीक्षा-2023 में 165वीं रैंक हासिल करते हुए जिले एवं क्षेत्र का नाम रोशन किया है। साइमा की शिक्षा दीक्षा कोलकाता में हुई है।