संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के प्राक्टर प्रो. शीतला प्रसाद उपाध्याय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
कुलपति को दिए इस्तीफे में कोई खास कारण नहीं बताया है लेकिन इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
सूत्रों की माने तो विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सहयोग न करने से नाराज होकर उन्होंने कदम उठाया है।
उधर कुलपति ने शारीरिक शिक्षा विभाग के असिस्टेंट प्रो. लाजी मिश्र को प्राक्टर जिम्मेदारी सौंप दी है।
यहां प्राक्टर पद पर प्रो. केदारनाथ पांडेय का कार्यकाल पूरा होने के बाद जिसे भी जिम्मेदारी मिली, कोई कार्यकाल पूरा नहीं कर सका।
इसके पहले डॉ. शशिरानी मिश्रा भी प्रशासनिक असहयोग का हवाला देते हुए इस्तीफा दे चुकी हैं।
अब सांख्ययोगतंत्रागम विभाग के शिक्षक प्रो. शीतला उपाध्याय ने इस्तीफा दिया है।
सूत्रों की माने तो इस्तीफे की कार्रवाई की पृष्ठभूमि दीक्षांत समारोह (26 दिसंबर) से पहले ही बन गई थी।
कुलसचिव प्रभाष द्विवेदी ने बताया कि कुलपति ने त्यागपत्र स्वीकारते हुए इस पद पर लालजी मिश्र को जिम्मेदारी दी है। इनके परामर्श के आधार पर सहायक प्राक्टर की नियुक्ति की जाएगी।
बिना अवकाश /सूचना के गायब रहने वाले कर्मचारियों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की नजर है। कुलसचिव ने कहा है कि अधिकारियों, शिक्षकों को बिना अवकाश पत्र दिए अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की सूची कुलसचिव कार्यालय में दी जाए।