पुरानी पेंशन बहाली और निजीकरण का विरोध करते हुए बृहस्पतिवार को रेलवे के कर्मचारियों ने मशाल जुलूस निकाला। जुलूस की शुरुआत पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम ऑफिस से हुई और समापन कैंट रेलवे स्टेशन पर हुआ। इस दौरान विभिन्न कर्मचारी संघों के पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी। फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे-एनएमओपीएस के राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र पाल ने कहा कि एनपीएस और निजीकरण के खिलाफ जारी हमारा संघर्ष पुरानी पेंशन की बहाली तक जारी रहेगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों से एक अक्तूबर को दिल्ली में होने वाले नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम हिस्सा लेने का आह्वान किया। एनई रेलवे मेंस काग्रेंस के जोनल अध्यक्ष अखिलेश पांडेय ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली सरकारी कर्मचारियों का सबसे बड़ा मुद्दा है। नेशनल मूवमेंट टू सेव रेलवे के राष्ट्रीय प्रचार सचिव डॉ. कमल उसरी ने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों का नुकसान करते हुए पैसेंजर ट्रेन का किराया एक्सप्रेस का कर रही है। अटेवा प्रदेश उपाध्यक्ष सतेंद्र राय ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के चुने हुए सांसदों के आवास की घंटी बजाकर एक से नौ अगस्त तक पुरानी पेंशन बहाली का ज्ञापन देंगे। इस दौरान दुर्गेश पांडेय, राजपति पाल, मनोज सिंह, अभिषेक दुबे, आदित्य भंडारी आदि मौजूद रहे।