सोयेपुर लालपुर निवासी राजकुमार ने 4 किलोवाट का सोलर लगवाया है। मार्च महीने में उनके सोलर ने 171 यूनिट बनाया। बताया कि मार्च महीने का बिल समायोजित होने के बाद बिल डाउनलोड किया, तब तक बिल बनने के बाद भी सोलर की सरप्लस यूनिट 18 दिख रही थी। अप्रैल का महीना अभी पूरा नहीं हुआ और सोलर यूनिट का समायोजन भी नहीं किया गया। इसके बाद भी कनेक्शन काट दिया गया।
भिटारी प्राथमिक विद्यालय के पीछे कॉलोनी में रहने वाले अनिल ने घर पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है। उनका कहना है कि हर महीने बिल में उनकी यूनिट सरप्लस रहती है। 25 मई को उनके बिजली अकाउंट में 244 रुपये स्मार्ट मीटर में सरप्लस दिख रहा था। उसी दिन रात में 10,718 रुपये माइनस का मेसेज आ गया। अगर बिजली निगम ने सोलर पैनल की यूनिट का सही तरीके से समायोजन किया होता तो कनेक्शन नहीं कटता।
सोलर पैनल लगवाने वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जावान एप पर नियमित अपनी रीडिंग चेक करते रहना चाहिए। निगेटिव बैलेंस का मैसेज तभी जाता है, जब सोलर सिस्टम में सरप्लस यूनिट नहीं रहती है। जहां तक सही तरीके से मिलान की समस्या है, तो इसकी जानकारी होते ही नियमानुसार इसका समाधान कराया जाएगा। - शिशिर कुमार, निदेशक वाणिज्य