मशीन है, फिर भी नहीं होती जांच
लहुराबीर निवासी एक महिला को पेट में दर्द था। वह नवंबर के दूसरे सप्ताह में स्त्री रोग विभाग में वरिष्ठ डॉक्टर को दिखाने गई। यहां डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड जांच लिखी। महिला जब अपने पति के साथ रेडियोलॉजी विभाग गई तो पता चला कि जांच नहीं होती है। बताया गया कि आयुर्वेद कॉलेज में जांच की मशीन हैं लेकिन जांच नहीं हो रही है। इस वजह से बाहर के दिए फाॅर्म पर ही जांच करवानी पड़ेगी।
आयुष मंत्री ने अप्रैल में डॉक्टरों के काउंटर से पकड़ी थी जांच केंद्रों की पर्ची
राजकीय आयुर्वेद कॉलेज में मरीजों को बाहर की जांच लिखने का कोई पहला मामला नहीं है। इसी साल अप्रैल महीने में उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने एक मरीज की शिकायत के बाद स्त्री रोग, बाल रोग सहित अन्य विभागों का औचक निरीक्षण कर डॉक्टरों के काउंटर से निजी जांच केंद्रों की पर्ची पकड़ी थी। इसमें बाहर की दवा लिखी पर्ची भी आयुष मंत्री को मिली थी। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए ऐसा न करने की चेतावनी दी थी।
बोले अधिकारी
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की मशीनें हैं, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के न होने की वजह से जांच नहीं हो पाती है। ओपीडी से निजी जांच केंद्र की लिखी पर्ची मरीजों को देने का मामला गंभीर है। इसकी जांच करवाने के साथ ही अस्पताल के सभी डाॅक्टरों को नोटिस जारी किया जाएगा। - प्रो. शशि सिंह, प्राचार्य, राजकीय आयुर्वेद कॉलेज