फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परेशानी : चाैकाघाट आयुर्वेद कॉलेज में OPD, सात किमी दूर लंका पर जांच; निजी केंद्र के फॉर्म पर भरा जाता है नाम

Fri, 22 Nov 2024 12:34 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

चाैकाघाट स्थित आयुर्वेद काॅलेज में मरीजों को सहूलियत तो मिल रही है लेकिन जांच के लिए उन्हें सात किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इस कारण मरीजों और तीमारदारों को काफी दिक्कतें हाेती हैं। खास बात यह है कि निजी केंद्रों में जांच करवाने के लिए पर्ची पर डाॅक्टर खुद मरीज का नाम लिख रहे हैं।
विज्ञापन
आयुर्वेदिक काॅलेज में मरीजों को हो रही परेशानी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को एक रुपये की पर्ची पर सभी तरह की जांच और दवाइयां निशुल्क मिलती हैं, लेकिन चौकाघाट स्थित राजकीय आयुर्वेद कॉलेज में ऐसा नहीं हो रहा है। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि आयुर्वेद कॉलेज की ओपीडी में आने वाले मरीजों को डॉक्टर जांच करवाने के लिए 7 किलोमीटर दूर लंका भेज रहे हैं। इस पर्चे पर खुद ही मरीजों का नाम लिखते हैं, अपना हस्ताक्षर भी करते हैं। खुद वरिष्ठ महिला डॉक्टर भी इस कार्य में लगी हैं।

विज्ञापन


आयुर्वेद कॉलेज में स्त्री रोग विभाग, नेत्र रोग, मधुमेह, बाल रोग सहित अन्य बीमारियों से जुड़े वाराणसी के साथ ही आसपास के जिलों से हर दिन करीब 500 से अधिक मरीज आते हैं। सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलने वाली ओपीडी में डॉक्टर मरीज को जांच और दवा लिखते हैं। किसी तरह मरीजों को दवा तो मिल जा रही है, लेकिन रेडियोलॉजी से जुड़ी जांच नहीं हो रही है। लिहाजा डॉक्टर भी मरीज को अपनी-अपनी पसंद वाली निजी जांच केंद्र पर भेज रहे हैं। और तो और इस खेल में वरिष्ठ डॉक्टर भी शामिल हैं। 

आयुर्वेद कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में आने वाली महिलाओं को डॉक्टर जो अल्ट्रासाउंड लिख रहीं हैं, उसको करवाने के लिए उनको अस्पताल से करीब सात किलोमीटर दूर लंका के पास एक निजी पैथालॉजी पर भेजा जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मशीन है, फिर भी नहीं होती जांच
लहुराबीर निवासी एक महिला को पेट में दर्द था। वह नवंबर के दूसरे सप्ताह में स्त्री रोग विभाग में वरिष्ठ डॉक्टर को दिखाने गई। यहां डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड जांच लिखी। महिला जब अपने पति के साथ रेडियोलॉजी विभाग गई तो पता चला कि जांच नहीं होती है। बताया गया कि आयुर्वेद कॉलेज में जांच की मशीन हैं लेकिन जांच नहीं हो रही है। इस वजह से बाहर के दिए फाॅर्म पर ही जांच करवानी पड़ेगी। 

आयुष मंत्री ने अप्रैल में डॉक्टरों के काउंटर से पकड़ी थी जांच केंद्रों की पर्ची 
राजकीय आयुर्वेद कॉलेज में मरीजों को बाहर की जांच लिखने का कोई पहला मामला नहीं है। इसी साल अप्रैल महीने में उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने एक मरीज की शिकायत के बाद स्त्री रोग, बाल रोग सहित अन्य विभागों का औचक निरीक्षण कर डॉक्टरों के काउंटर से निजी जांच केंद्रों की पर्ची पकड़ी थी। इसमें बाहर की दवा लिखी पर्ची भी आयुष मंत्री को मिली थी। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए ऐसा न करने की चेतावनी दी थी।

बोले अधिकारी
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की मशीनें हैं, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के न होने की वजह से जांच नहीं हो पाती है। ओपीडी से निजी जांच केंद्र की लिखी पर्ची मरीजों को देने का मामला गंभीर है। इसकी जांच करवाने के साथ ही अस्पताल के सभी डाॅक्टरों को नोटिस जारी किया जाएगा। - प्रो. शशि सिंह, प्राचार्य, राजकीय आयुर्वेद कॉलेज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें