अन्य मामलों में सुनील को जमानत मिल गई है, लेकिन अलीगढ़ के आईटी एक्ट के मुकदमे में उसे जमानत नहीं मिली है। अलीगढ़ के एसीजेएम-4 का एक फर्जी रिहाई आदेश वाराणसी के जिला कारागार में 4 मार्च 2025 को प्राप्त होना दिखाया गया।
उसके आधार पर सुनील को एक-दो दिन बाद कारागार से छोड़ दिया गया। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में उसकी जमानत याचिका संख्या लंबित है, जिसकी सुनवाई 25 मार्च को होनी है। अमिताभ ठाकुर ने कहा कि यह पूरा प्रकरण जिला कारागार के पूर्व अधीक्षक डॉ. उमेश कुमार सिंह के कार्यकाल का है।
बोले अधिकारी
सोशल मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जाएगी और सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार श्रीवास्तव, डीआईजी कारागार