मौके पर जाते पुलिसकर्मी
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बैरक नंबर पांच में बंद आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के गहजी गांव निवासी विनय पांडेय और सरायमीर कस्बे के रहने वाले अतहर के बीच शुक्रवार की रात बिस्तर बिछाने को लेकर मारपीट हुई थी। घायल होने पर विनय पांडेय को जेल के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामला दो वर्ग का होने की वजह से जेल में तनाव था। बंदी एक दूसरे के पक्ष में लामबंद होने लगे।
इस दौरान पता चला कि अतहर के समर्थन में आमिर, अकबर, उमर, अकरम, आफताब और अंगद इकट्ठा हो गए। शनिवार को इसकी जानकारी होने पर दोपहर में अधिकारी फोर्स लेकर जेल में गए। सर्च ऑपरेशन में 35 मोबाइल बरामद हुए।
इनमें पूर्व विधायक सुरेंद्र मिश्र के पास से चार मोबाइल, पूर्व मंत्री अंगद यादव से पांच मोबाइल, विक्रम सिंह के पास से पांच मोबाइल, एआईएमआईएम(AIMIM) के पूर्व जिलाध्यक्ष कलीम जामई के पास से तीन मोबाइल बरामद हुए। कई अन्य कैदियों के पास से भी मोबाइल बरामद हुए। इस दौरान बंदी रक्षकों ने कई कैदियों को पीटा।
एडीएम प्रशासन ने अतहर सहित उसके दोस्तों के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश जेल प्रशासन को दिया। शाम करीब 5:15 बजे अधिकारी जेल से बाहर चले गए। उनके जाते ही बंदियों ने उपद्रव शुरू कर दिया। इसकी सूचना पर तत्काल क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम पहुंची। नियंत्रित करने के लिए 20 से अधिक राउंड फायरिंग की। 50 से ज्यादा आंसू गैस के गोले छोड़े गए। गोली चलने से बंदी और भड़क गए।
मौके पर पहुंचे डीएम शिवाकांत द्विवेदी
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जेल के भीतर पुलिस और बंदियों के बीच कई राउंड जमकर गुरिल्ला युद्ध हुआ। इस दौरान पुलिस जहां लाठी भांजकर बंदियों को खदेड़ रही थी। वहीं मौका पाने पर बंदी पुलिस वालों पर पथराव कर रहे थे। मामला बेकाबू होता देख डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने जेल की लाइट कटवा दी। पुलिस अपने हाथ के टॉर्च की रोशनी में भीतर के स्थितियों पर नजर रखते हुए कार्रवाई करने का प्रयास कर रही थी।
उधर जिला अस्पताल में अलर्ट जारी कर दिया था। इस दौरान एमरजेंसी वार्ड को खाली करा दिया गया है। जेल के हालात को काबू में करने के लिए पूरे जिले की फोर्स, पीएसी, पुलिस लाइन में रिर्जव में रखे गए पुलिसवालों सहित अन्य को लगाया गया गया है।
जेल में जाती पुलिस की टुकड़ी
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शनिवार की रात नौ बजे हालात को काबू में करने के लिए चुनाव कराने आए सीआरपीएफ के जवानों को अंदर भेजा गया है। जानाकारी मिली है कि कैदियों ने अपने आपको भोजनालय में दरवाजा भीतर से बंद कर कैद कर लिया था। पौने दस बजे रात में सीआईएसएफ की टुकड़ी भेजी गई। उसके बाद मामला शांत हुआ। वहीं पुलिस के आंसू गैस के गोले बंदी भीतर से ही पुलिस पर फेंक रहे हैं। जिस कारण से भोजनालय में घुस पाना मुश्किल हो रहा था।
उधर डीएम शिवाकांत द्विवेदी का कहना है कि दोपहर में जेल में बंदियों की तलाशी के दौरान करीब 35 मोबाइल बरामद हुए। इसमें जेल के कर्मचारियों और अधिकारियों की संलिप्तता है। पोल खुलने से नाराज जेल कर्मचारियों ने अधिकारियों के जाने के बाद बंदियों से मारपीट की। इससे बंदी भड़के थे। दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर बंदियों को शांत कराया गया। अब हालात नियंत्रण में है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है।