काशी के हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार किया गया रुद्राक्ष का मॉडल।
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वहीं छही सारनाथ के बुनकर बच्चे लाल मौर्या ने आयोजित कार्यक्रम के लिए गीता श्लोक और वंदे मातरम कैलीग्राफी अंगवस्त्र तैयार किया है। डॉ रजनीकांत ने बताया कि यह अंगवस्त्र और रुद्राक्ष मॉडल प्रशासन को दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि शिल्पिओं के समग्र विकास में यह रुद्राक्ष भवन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और पर्यटन के साथ ही जीआई उत्पाद को भी बढ़ावा मिलेगा, जापान सरकार के साथ शिल्प कला विकास के नए द्वार भी खुलेंगे।