प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार की सुबह वर्चुअल माध्यम से कोविड-19 के संक्रमण का हाल और तीसरी लहर की तैयारियों की जानकारी लेंगे। इस दौरान बीएचयू, डीआरडीओ, दीनदयाल राजकीय जिला अस्पताल, ईएसआईसी सहित अन्य अस्पतालों के चिकित्सकों से कोरोना संक्रमण की जानकारी लेंगे।
इसमें पीएम चिकित्सकों की भूमिका और संकट काल के उनके अनुभवों को साझा करेंगे। दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर की जबरदस्त चपेट में आए वाराणसी ने डेढ़ महीने में स्थिति को संभाल लिया है। 40 फीसदी तक पहुंचा संक्रमण दर अब पिछले तीन दिनों से तीन फीसदी पर पहुंच गया है। एक अप्रैल से संक्रमण दर बढ़ने का सिलसिला अब थमने लगा है।
मगर, अप्रैल के दूसरे और तीसरे सप्ताह में कोरोना संक्रमण की दर 40 फीसदी से ज्यादा पहुंच गई। मगर, 18 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के प्रशासनिक अधिकारियों से सीधा संवाद कर उन्हें टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट का मंत्र दिया था। उस समय अस्पतालों में बेड से लेकर आक्सीजन तक की दिक्कत हो गई थी। मगर, पीएम के संवाद के बाद पीएमओ सक्रिय हुआ और आक्सीजन आदि की व्यवस्था सुदृढ़ हुई। इसके साथ ही प्रशासन की सजगता के वजह से संक्रमण की रफ्तार भी थमने लगी।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि दूसरी लहर के संकट काल में पीएम मोदी ने टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट का मंत्र दिया था। वाराणसी सहित देश भर में तीसरी लहर की आशंका है, ऐसे में उम्मीद है कि पीएम तीसरी लहर से निपटने के लिए रणनीति बताएंगे। अस्पतालों में बच्चों के आईसीयू और अन्य संसाधनों के साथ बच्चों को कोरोना के प्रति जागरुक करने की पहल भी कर सकते हैं।