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पीएम मोदी बोले- धारणा बनाने वाली ताकतें हारीं, परिश्रम जीता 

Tue, 28 May 2019 04:57 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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PM Modi in Varanasi - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी से दोबारा सांसद बनने के बाद पहली बार काशी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चुनाव परिणाम ने तय कर दिया कि राजनीतिक पंडितों के विचार और तर्क 20वीं सदी के थे 21वीं सदी के लिए इनका मतलब नही रह गया है। कहा, तर्क व कुतर्क से राजनीति में धारणा बिगाड़ी गई है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के भारत के लिए संस्कृति के महात्म्य के साथ ही आधुनिक विजन को प्रगाढ़तापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं। नए भारत के निर्माण में हम भारत की संस्कृति को बरकरार रखने के साथ ही आधुनिक विजन का वर्तमान स्थिति के साथ समन्वय करेंगे। हम भारत की महान विरासत को लेकर गौरव के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। ऋषियों, मुनियों, आचार्यों, शिक्षकों और वैज्ञानिकों ने हजारों साल में देश की परंपरा विकसित की।

प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल के विजन पर चर्चा के साथ ही भाजपा पर टिप्पणी करने वालों को निशाने पर लिया। कहा, सदियों से खरी उतरीं यही परंपराएं देश को आगे ले जाएंगी। भारतीय महापुरुषों ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है। साफ कहा, इस विरासत पर औरों को शर्म आती है तो आए, मुझे गर्व होता है। जिन्हें शर्म आती है, वह उनकी दिक्कत होगी। बंद कमरों में बैठकर धारणा बनाने वालों की सोच से देश में दरारें पड़ती हैं।
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कहा, जरूरी नहीं है कि पुरानी चीजों को तोड़कर ही नया बनाया जाए। हम दुनिया की 11वीं अर्थव्यवस्था से शुरू हुए थे। अब छठवें नंबर पर पहुंचने के बाद पांचवें नंबर पर दस्तक दे रहे हैं। हमारे देश का नौजवान स्टार्टअप लेकर विश्व को अचंभित कर रहे हैं। योग, आयुर्वेद, राम, बुद्ध सर्किट का जिक्र कर पूछा कि अयोध्या में दीपावली मनाने से किसने रोका था। कुंभ मेले का उपयोग देश की मर्यादा चूर-चूर करने की कोशिश के लिए हुआ। धारणा बनाई गई कि कुंभ नागा साधुओं के जमावड़े के लिए है, मगर इस बार कुंभ से पूरे भारत का गौरव बढ़ा। हम विजय चौक के विजय पथ पर एशिया में मान्य भगवान राम के रूप को दिखाते हैं तो इनोवेशन और नौजवानों की 21वीं सदी की सोच के लिए अटल टिंकरिंग लैब भी बनाते हैं।

राजनीतिक टिप्पणी करते हुए पीएम ने कहा, हिंदुस्तान के कोने-कोने से हमारे प्रतिनिधि चुने गए। हमारा वोट परसेंटेज भी बढ़ा। लद्दाख में जीतते हैं, कर्नाटक में सबसे बड़ा दल, गोवा और असम में सरकार चलाते हैं, मगर हमारे बारे में भ्रम पैदा किया जाता है कि हिंदी हार्टलैंड की पार्टी हैं। दरअसल, हमारी सरकार सर्व समावेषक, समाजसेवी, सर्वस्पर्शी, सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय की नीति पर काम कर रही है।

दीनदयाल हस्तकला संकुल में पीएम ने अपने उद्बोधन में काशी की जनता और यहां के कार्यकर्ताओं के कार्यों की चर्चा की। इसमें पीएम का काशीवासियों के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के प्रति खासा लगाव दिखा। पीएम ने कहा कि देश के लिए भले ही मैं प्रधानमंत्री हूं लेकिन आपके लिए मैं सांसद और सेवक हूं। काशी के हर कार्यकर्ता और समर्थन का आभारी हूं, जिन्होंने चुनाव को जय-पराजय के तराजू से नहीं तौला। बोले, नामांकन तो नरेंद्र मोदी ने किया था लेकिन चुनाव हर घर और हर गली के नरेंद्र मोदी ने लड़ा है। शायद ही कोई उम्मीदवार इतना निश्चिंत होता जितना मैं था। यह सब आपके विश्वास का नतीजा है।

25 अप्रैल को रोड शो और 26 अप्रैल को नामांकन के बाद पीएम ने चुनाव काशीवासियों और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी पर छोड़ दिया था। पीएम के विश्वास को काशीवासियों ने टूटने नहीं दिया। पीएम ने अपने भाषण में प्राय: कहते रहे हैं कि काशी की जनता को वह बाबा विश्वनाथ का गण मानते हैं।

2014 में भी पीएम बनने से पहले भी मोदी ने काशी की जनता का आभार जताया था। बाबा विश्वनाथ का दर्शन और मां गंगा का अभिषेक कर आरती की थी। काशीवासियों को सफाई की शपथ दिलाई थी। यही से समग्र भारत के अभ्युदय का संकल्प लिया था। उस समय पीएम के साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और यूपी प्रभारी अमित शाह उनके साथ थे।

शाह ने कहा, विकास के नाम पर मिली प्रचंड विजय 

प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी के अभिनंदन समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, दो वर्ष पूर्व कहा जाता था कि विकास के नाम पर चुनाव नहीं जीते जा सकते लेकिन दो वर्षों में यह परिपाटी बदल गई है। अब विकास कार्यों के आधार पर ही भाजपा को प्रचंड जीत मिली। प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुसार पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश सबसे विकसित प्रदेश होगा। 50 वर्षों बाद देश का कोई प्रधानमंत्री दूसरी बार प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने जा रहा है।

पीएम की ऐतिहासिक जीत पर भाजपा कार्यकर्ताओं व काशी की जनता का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए शाह ने कहा, रोड-शो के दौरान ही स्पष्ट हो गया था कि चुनाव का निर्णय क्या आने वाला है। कार्यकर्ताओं ने नामांकन के दिन ही कह दिया था कि आप मतगणना के बाद काशी आइएगा। शायद ऐसा पहली बार हुआ है कि नामांकन के बाद प्रत्याशी अपना प्रचार करने न आया हो। संगठन का दायित्व कैसे निभाया जा सकता है उसका उत्कृष्ट उदाहरण नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 13 वर्षों तक नेतृत्व कर दिखाया। उन्होंने इसके पूर्व कभी ग्राम प्रधान का भी चुनाव नहीं लड़ा था। पहली बार गुजरात के मणिनगर से विधायक बने और जब उस विधानसभा क्षेत्र को छोड़ा तो वो विधानसभा सबसे विकसित विधानसभा थी। 

2014 के काशी और आज के काशी में बदलाव की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि काशी विश्व की सबसे पुरातन नगरी है और उसकी चीजों को संभालते हुए नई काशी को विकसित करना चुनौतीपूर्ण रहा है। आस्था की नगरी काशी का आधुनिक ढंग से विकास का काम यहां के सांसद नरेंद्र मोदी ने किया है। बाबा विश्वनाथ का दर्शन अब तक अकेले होता था। अब वह विश्व पटल पर है। प्रदेश सरकार की तारीफ करते हुए कहा, विगत दो वर्षों में उत्तर प्रदेश का विकास तेजी से बढ़ रहा है। उसका कारण योगी सरकार भाजपा के संकल्प पत्र के अनुसार चल रही है।
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मोदी के रोड शो के बाद पलायन कर गए विपक्षी: योगी  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की जनता ने इस बार जाति से ऊपर उठकर मोदी को वोट किया है। पीएम मोदी को जीत की बधाई देते हुए योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बिना किसी भेदभाव के हर योजनाओं पर काम हुआ। यही वजह रही कि जाति से ऊपर उठकर लोगों ने मोदी के लिए वोटिंग की। कहा, काशी की इस धरती पर मैं महानायक का स्वागत करता हूं। बिना नाम लिए विपक्ष पर हमला बोला। कहा, कई लोग कह रहे थे कि हम यहां (वाराणसी) से चुनाव लड़ेंगे, लेकिन पीएम मोदी के रोड शो की गर्मी को देखकर पलायन कर गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नेतृत्व से एक बार फिर साबित कर दिया कि मोदी है तो मुमकिन है।

चुनाव प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा, भाजपा अध्यक्ष ने पूरे चुनाव की कमान संभाली और देर रात दो बजे तक बैठक करने के बाद सुबह छह बजे अगले कार्यक्रम में नजर आते थे। चुनाव के पहले हम सब सोचते थे कि कुछ समय मिलेगा, तब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का नए कार्य के लिए आदेश आता था। इसका ही नतीजा है कि भाजपा अपने बल पर 303 सीट अर्जित कर पाई। चुनाव के पूर्व लोग कहते थे कि मोदी ने जिस पारदर्शिता के साथ कार्य किया, क्या उन्हें दूसरी पारी मिलेगी। मोदी के कुशल नेतृत्व पर सभी चुनौतियों पर पार पा लिया गया और पांच दशक बाद भाजपा प्रचंड बहुमत से सत्ता में आई है।
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