वाराणसी से दोबारा सांसद बनने के बाद पहली बार काशी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चुनाव परिणाम ने तय कर दिया कि राजनीतिक पंडितों के विचार और तर्क 20वीं सदी के थे 21वीं सदी के लिए इनका मतलब नही रह गया है। कहा, तर्क व कुतर्क से राजनीति में धारणा बिगाड़ी गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के भारत के लिए संस्कृति के महात्म्य के साथ ही आधुनिक विजन को प्रगाढ़तापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं। नए भारत के निर्माण में हम भारत की संस्कृति को बरकरार रखने के साथ ही आधुनिक विजन का वर्तमान स्थिति के साथ समन्वय करेंगे। हम भारत की महान विरासत को लेकर गौरव के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। ऋषियों, मुनियों, आचार्यों, शिक्षकों और वैज्ञानिकों ने हजारों साल में देश की परंपरा विकसित की।
प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल के विजन पर चर्चा के साथ ही भाजपा पर टिप्पणी करने वालों को निशाने पर लिया। कहा, सदियों से खरी उतरीं यही परंपराएं देश को आगे ले जाएंगी। भारतीय महापुरुषों ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है। साफ कहा, इस विरासत पर औरों को शर्म आती है तो आए, मुझे गर्व होता है। जिन्हें शर्म आती है, वह उनकी दिक्कत होगी। बंद कमरों में बैठकर धारणा बनाने वालों की सोच से देश में दरारें पड़ती हैं।
कहा, जरूरी नहीं है कि पुरानी चीजों को तोड़कर ही नया बनाया जाए। हम दुनिया की 11वीं अर्थव्यवस्था से शुरू हुए थे। अब छठवें नंबर पर पहुंचने के बाद पांचवें नंबर पर दस्तक दे रहे हैं। हमारे देश का नौजवान स्टार्टअप लेकर विश्व को अचंभित कर रहे हैं। योग, आयुर्वेद, राम, बुद्ध सर्किट का जिक्र कर पूछा कि अयोध्या में दीपावली मनाने से किसने रोका था। कुंभ मेले का उपयोग देश की मर्यादा चूर-चूर करने की कोशिश के लिए हुआ। धारणा बनाई गई कि कुंभ नागा साधुओं के जमावड़े के लिए है, मगर इस बार कुंभ से पूरे भारत का गौरव बढ़ा। हम विजय चौक के विजय पथ पर एशिया में मान्य भगवान राम के रूप को दिखाते हैं तो इनोवेशन और नौजवानों की 21वीं सदी की सोच के लिए अटल टिंकरिंग लैब भी बनाते हैं।
राजनीतिक टिप्पणी करते हुए पीएम ने कहा, हिंदुस्तान के कोने-कोने से हमारे प्रतिनिधि चुने गए। हमारा वोट परसेंटेज भी बढ़ा। लद्दाख में जीतते हैं, कर्नाटक में सबसे बड़ा दल, गोवा और असम में सरकार चलाते हैं, मगर हमारे बारे में भ्रम पैदा किया जाता है कि हिंदी हार्टलैंड की पार्टी हैं। दरअसल, हमारी सरकार सर्व समावेषक, समाजसेवी, सर्वस्पर्शी, सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय की नीति पर काम कर रही है।