वाराणसी के शाहंशाहपुर में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में नारेबाजी करने वाले शिक्षामित्र प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभार्थी बनकर घुसे थे। फर्जी तरीके से उन्होंने लाभार्थियों के पास हासिल कर लिए थे।
37 शिक्षामित्रों की गिरफ्तारी के बाद इसका खुलासा होने से जिला प्रशासन से शासन तक हड़कंप मच गया है। केंद्र और राज्य की शीर्ष सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां भी प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई इस चूक से बेहद हैरान हैं।
गिरफ्तार 37 शिक्षामित्रों के पास से ऐसे 10 वीआईपी पास बरामद होने के बाद सभी के विरुद्ध रोहनिया थाने में धोखाधड़ी, विधि विरुद्ध जमाव, आपराधिक अतिचार सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक जल्द ही पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होगी और जिम्मेदारों से जवाब-तलब किए जाएंगे। मामला प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा होने के कारण केंद्रीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियाें की टीम भी आरोपी शिक्षामित्रों से पूछताछ करने की तैयारी में है।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के दौरान नारेबाजी करने वाले 37 शिक्षामित्रों को पुलिस ने मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था। शिक्षामित्रों की तलाशी ली गई तो उनके पास से प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के 10 पास बरामद हुए।
आरोपियों में एक शिक्षामित्र मनोज कुमार वर्मा के पास से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी का परिचय पत्र भी बरामद हुआ। परिचय पत्र पर प्रेमचंद पटेल परियोजना निदेशक डीआरडीए का हस्ताक्षर था।
इंस्पेक्टर रोहनिया क्षितिज त्रिपाठी के मुताबिक सभी 37 आरोपी शिक्षामित्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने बताया कि शिक्षामित्रों से पास की बरामदगी के बाद पूरे मामले की छानबीन की जा रही है।