कहा कि किसानों ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि बातचीत का तीनों कृषि कानूनों की वापसी और न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा देना होगा। लेकिन सरकार ने यह लिखने की हिम्मत नहीं जुटाई कि बातचीत का मुद्दा कृषि कानूनों की वापसी और न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा देना है। कहा कि कौन नहीं जानता है कि सरकारों की मिलीभगत से कारपोरेट समूहों ने बैंकों की बड़ी पूंजी दबा रखी है। इस अवसर पर यशपाल सिंह, श्याम बहादुर सिंह, अशोक यादव, संकल्प सिंह, लाल साहब सिंह, हीरा लाल वर्मा, आशीष प्रताप सिंह आदि थे।