राजातालाब। पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग के द्वितीय पड़ाव भीमचंडी में कई धर्मशालाओं में बृहस्पतिवार को प्रशासन ने ताला लगाया। इस दौरान भीमचंडी मंदिर में भी ताला लगा दिया। इसके विरोध में पुजारियों ने प्रदर्शन किया। पुजारियों का आरोप है कि उनसे अधिकार छीना जा रहा है। जिन धर्मशाला में दरवाजे थे, उसमें ताला लगाया गया। जबकि जिन धर्मशाला में दरवाजे नहीं है वह उसी तरह खुले पड़े हैं।
भीमचंडी देवी मंदिर में ताला लगने के मामले में तहसील के कर्मचारियों और पुजारियों ने एक दूसरे पर आरोप लगाया। पुजारियों का कहना है कि तहसील प्रशासन ने ताला लगाया है। जबकि तहसील प्रशासन के कर्मचारियों का कहना था कि मंदिर में ताला पुजारियों ने खुद विरोध स्वरूप लगाया है। पुजारी दयाशंकर मिश्रा ने बताया कि वे लोग भीमचंडी मंदिर में पूजा पाठ कई पीढ़ियों से करते चले आ रहे हैं। आसपास के धर्मशालाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी भी उनकी है। ग्राम प्रधान द्वारा तालाबंदी किए जाने से बाहर से आने वाले यात्रियों को असुविधा होगी।
इस बारे में राजस्व निरीक्षक रामेश्वर तिवारी ने बताया कि तहसीलदार राजातालाब द्वारा दिए गए आदेश का पालन करवा रहे हैं। जीर्णोद्धार समिति के मंत्री रामशरण सेठ ने बताया कि जिले के उच्चाधिकारियों को जानकारी है कि समिति इन धर्मशालाओं की देखरेख और रखरखाव करती आ रही है। धर्मशाला को दूसरी संस्था के हाथ में दिया जाना नियम विरुद्ध है।