लाठीचार्ज में घायल स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई किसी साजिश का हिस्सा हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाठीचार्ज के बहाने मेरी हत्या की कोशिश की गई लेकिन मैं किसी तरह बच निकला। शिवप्रसाद गुप्त अस्पताल के आकस्मिक चिकित्सा वार्ड में मंगलवार को उन्होंने कहा कि गंगा के लिए आंदोलन चलाने के कारण वे पहले से ही वह कुछ लोगों की आंख की किरकिरी रहे हैं। ऐसे में यह हमला सोची समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
धरनास्थल पर वह किसके आग्रह पर पहुंचे थे। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि काशी में जब धर्म की रक्षा का सवाल आया और पता चला कि गणेश प्रतिमा रोक दी गई है तब मुझसे रहा नहीं गया। गणेश भगवान की खातिर मैं खुद वहां गया था और मेरे पीछे आश्रम के संत और बटुक भी पहुंच गए थे। पुलिस ने मुझे केंद्र में रखकर अचानक घेरेबंदी की और बर्बरतापूर्वक छोटे-छोटे बटुकों को भी पीटा। उन्होंने कहा कि प्रशासन से कोई गिला-शिकवा नहीं और स्वस्थ होने के बाद पदयात्रा कर जनता से राय लूंगा और उसके बाद धर्म के सवाल पर आंदोलन किया जाएगा।