यहां बता दें कि गंगा की धारा प्रवाह को बढ़ाने के लिए प्रयागराज से वाराणसी तक लगभग 176 किलोमीटर तक की ड्रेजिंग की योजना है। वाराणसी से प्रयागराज के बीच 35 स्थान ऐसे हैं, जहां पर गंगा का जलस्तर बहुत कम है। प्रति किलो मीटर दस सेमी का ढलान है। लेकिन रेत अधिक होने से कई स्थानों पर ढलान नाम मात्र का रह गया है। इस समय गंगा में कई स्थान ऐसे हैं जहां पर तीन फीट ही पानी है।
जल परिवहन को मिलेगी गति, रोरो सर्विस की उम्मीद जगी
ड्रेजिंग के बाद गंगा की गहराई बढ़ने के साथ ही प्रवाह भी ठीक किया जाएगा। इससे जल परिवहन को भी गति मिलेगी। राजघाट से अस्सी घाट के बीच प्रस्तावित रो रो सर्विस की उम्मीद जगी है। दरअसल, गंगा में इसी साल से रो रो सर्विस की योजना है। इसमें घाटों को जेटी बनाकर रो रो सर्विस के जरिए यात्री क्रूज चलाया जाएगा।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि सिंचाई विभाग की टीम ने ड्रेजिंग पर सहमति दी है। बजट आदि पर कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके लिए जल्द ही बैठक कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।