राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के गंगा पूजन संबंधी तैयारियों को रूप दे दिया गया है। राष्ट्रपति के स्वागत में दशाश्वमेध घाट पर रेड कारपेट बिछाई जाएगी। घाट को गुलाब के अलावा बेला, जूही के वंदनवारों, झूमरों से सजाया जाएगा। घाट की पहली सीढ़ी से लेकर पूजा स्थल तक पहुंचने के बीच तीन स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। तीन अलग-अलग मंचों पर राष्ट्रपति के अलावा विशिष्टजनों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी।
गंगा के उत्पत्ति दिवस पर 13 मई की सुबह छह बजे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दशाश्वमेध घाट पर गंगा स्नान कर सकते हैं। इस तरह के संकेत मिलने के बाद प्रशासन राष्ट्रपति के स्नान की तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए अलग से सेफ हाउस का निर्माण कराया जा रहा है। निर्मलता के संकट से जूझ रही पतित पावनी के किनारों पर सफाई अभियान तेज कर दिया गया है। मशीन से कचरा छाना जा रहा है। राजेंद्र प्रसाद घाट पर बहने वाले नाले से गंदा पानी गंगा में न छोड़ा जाए, इसकी हिदायत दे दी गई है। घाट की मढ़ियों, सीढ़ियों से लेकर आरती स्थल के पायों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाने के लिए प्रशिक्षित माली लगाए जा रहे हैं।
दशाश्वमेध घाट पर स्नान और गंगा पूजा के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को चांदी के अरघे में स्फटिक का शिवलिंग उपहार के रूप में भेंट किया जाएगा। कुशल कारीगरों द्वारा अरघा तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और भस्माभिषेक की चित्रमाला भी राष्ट्रपति को भेंट की जाएगी।
बीएचयू के कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के सम्मान में 12 मई को रात्रिभोज देंगे। इस भोज में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा शहर की गण्यमान्य हस्तियां भी मौजूद रहेंगी। विवि के विजिटर के सम्मान में कुलपति आवास पर होने वाले इस रात्रि भोज में कुल 45 लोग शामिल होंगे। मंगलवार की देर रात राष्ट्रपति भवन से इसकी स्वीकृति मिल गई है।
राष्ट्रपति भवन से रात्रिभोज की स्वीकृति मिलने ही विश्वविद्यालय प्रशासन इसकी तैयारी में जुट गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रात्रिभोज के लिए होटल गेटवे ताज को मेन्यू तैयार करने का काम सौंपा गया है। साथ ही विश्वविद्यालय मेहमानों की सूची तैयार करने में जुट गया है। मालूम हो कि रात्रिभोज में काशी के पद्म पुरस्कार प्राप्त साहित्यकार, कलाकार, चिकित्सक, वैज्ञानिक भी शरीक होंगे। राष्ट्रपति एलडी गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम करेेंगे। इसे देखते हुए कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने उन्हें रात्रिभोज के लिए निमंत्रित किया था।