विश्व योग दिवस की पूर्व संध्या पर सोमवार को काशी की मुस्लिम बालाओं ने एक अलग मिसाल पेश की। रमजान के पाक महीने में रोजेदार मुस्लिम बालाओं ने योगासान, प्रणायाम और सूर्य नमस्कार के साथ बेहिचक ॐ का उच्चारण भी किया। इनका कहना था कि योग, ध्यान और प्राणायाम को किसी धर्म के बंधन में बांध कर रखना उचित नहीं है। जो भी अच्छा है, वह सबके लिए है।
सोशल एक्शन फाउंडेशन के सहयोग से पिशाच मोचन स्थित साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट के कार्यालय में योग शिविर का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि सेंट्रल हज कमेटी के सदस्य डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि मुसलमान रोज पांच बार नमाज अदा करते हैं, वह भी अपने आप में योग ही है। अध्यक्षता करते हुए भाजपा आईटी सेल के प्रदेश अध्यक्ष करुणेश कुमार ने कहा कि निरोग रहने का सबसे सरल तरीका योग है।
इसके बाद 108 बार सूर्य नमस्कार और प्राणायाम में गोल्ड मेडल हासिल कर चुकीं शबीना बानो के नेतृत्व में शाहिदा, सदफ, जेबा, नजराना, शबनम, नरगिस, आफरीन, महजबीं, शहनीला, अजरा, जरीना, नगमा सहित नेहा, प्रियंका, पायल और शिवानी सहित 40 युवतियों ने अनुलोम-विलोम, वृक्षासन, ताड़ासन, अर्धचंद्रासन, गरुण आसन और सूर्य नमस्कार किया। विशिष्ट अतिथि आल इंडिया हैंडलूम बोर्ड के सदस्य इकबाल अहमद अंसारी थे। इंस्टीट्यूट के निदेशक अजय सिंह ने संचालन और धन्यवाद ज्ञापन सपना सिन्हा ने किया।
विश्व योग दिवस की पूर्व संध्या पर सोमवार को दशाश्वमेध स्थित योग शिक्षालय में योग प्रशिक्षक मिठाई लाल सोनकर को महर्षि पतंजलि योग सम्मान से नवाजा गया। इनके अलावा गणेश प्रसाद सोनकर, राज कुमार वाजपेयी, विकास दीक्षित, जितेंद्र पाठक, गणेश जायसवाल, आशीष टंडन, डॉ. दिनेश चंद्र अरोड़ा और सरोजिनी महापात्रा को सम्मानित किया। इस मौके पर पं. गणेश दत्त शास्त्री, पवन शुक्ला आदि मौजूद थे।
उध्ार, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर जिलाधिकारी के गोद लिये गांव आयर में आयोजित शिविर में गीतों के माध्यम से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, दहेज प्रथा और भ्रूण हत्या के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही योग के जरिये स्वस्थ रहने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया। होरी चिरइया नन्हीं सी चिड़िया, अगना में फिर से आ जा रे... गीत के थीम पर योग सूत्र संस्थान की ओर से शिविर का आयोजन हुआ। प्रशिक्षिका पुष्पांजलि शर्मा ने कहा कि बेटियां कमजोर नहीं हैं। योग के माध्यम से उन्हें स्वस्थ रहने की सीख दी गई। उन्होंने कहा कि एक लडकी स्वस्थ रहेगी तो पूरा परिवार स्वस्थ रहेगा। बताया कि गांव की लडकियों को एक महीने से योगासनों का अभ्यास कराया जा रहा है। पहले दूर भागती थीं लेकिन आज ड्रेस पहनकर समय से योग कर रही हैं। अब महिलाएं भी योग को अपना रही हैं। अंजलि, मोनी, बबिता, तरन्नुम बानो, खुशी, हेमलता, नेहा प्रजापति, शाधना और समीक्षा विश्वकर्मा ने बताया योग से उन्हें काफी लाभ मिल रहा है।