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तीसरी लहर की रोकथाम के लिए गाइडलाइन की तैयारी

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वाराणसी। कोरोना की दूसरी लहर के बाद तीसरी लहर को लेकर हर कोई चिंतित हैं। शासन ने दूसरी लहर में स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी परेशानियों से सबक लेते हुए अब नई गाइडलाइन बनाने का निर्णय लिया है। प्रदेश स्तर पर बनने वाली इस गाइडलाइन में पीजीआई केजीएमयू के साथ ही आईएमएस बीएचयू की भूमिका होगी।
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दूसरी लहर में इस समय अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, टीकाकरण, जांच का जिस तरह से संकट सामने आया है, वैसी स्थिति तीसरी लहर में न हो, इसके लिए तैयारी अभी से शुरू हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई के बाद तीसरी लहर की चर्चाएं हो रही हैं। इधर, शासन स्तर पर पीजीआई लखनऊ के निदेशक डॉक्टर आरके धीमन की अध्यक्षता में बनी 14 सदस्यों वाली समिति न केवल दूसरी लहर के संक्रमण पर मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के साथ ही परामर्श देगी, बल्कि इससे सबक लेते हुए तीसरी लहर रोकने के लिए जांच, इलाज, टीकाकरण, जागरूकता आदि पर गाइडलाइन भी तैयार करेगी। पीजीआई, केजीएमयू, लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, आईएमए प्रदेश अध्यक्ष, महानिदेशक स्वास्थ्य वाली समिति ने अपना कामकाज शुरू कर दिया है।
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पोस्टर, कार्टून और वीडियो की मदद ली जाएगी
शासन स्तर पर गठित 14 सदस्य समिति में शामिल आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रोफ़ेसर बीआर मितल का कहना है कि समिति शासन को कोरोना संक्रमण की रोकथाम और सरकारी-निजी अस्पतालों में मरीजों के इलाज को लेकर सुझाव देगी। तीसरी लहर को रोकने के लिए शहरी इलाकों के छोटे-बड़े अस्पतालों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने के लिए कार्टून, फिल्म, पोस्टर और वीडियो फिल्म की मदद ली जाएगी। लोगों को दो गज की दूरी बनाए रखने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, सैनिटाइजेशन और संक्रमण से बचाव के लिए घर और बाहर बरती जाने वाली सावधानी की जानकारी दी जाएगी। बताया कि समय-समय पर बैठकों के माध्यम से जो नई गाइडलाइन तैयार होगी उसे सरकार को भेजा जाएगा।
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आईएमएस बीएचयू करेगा सहयोग
आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो.बीआर मितल ने बताया कि समिति में शामिल किए जाने के बाद उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है। आईएमएस बीएचयू के विभिन्न विभागों के कोरोना पर काम करने वाले विशेषज्ञों के साथ ही अन्य डॉक्टरों की राय से भी संक्रमण पर नियंत्रण का प्रयास किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री कर रहे हैं मॉनिटरिंग
समिति के गठन के बाद मुख्यमंत्री लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। चार मई को गठन के दो दिन बाद ही मुख्यमंत्री ने सलाहकार समिति के सदस्यों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर संक्रमण पर नियंत्रण के उपायों की जानकारी ली। निदेशक प्रोफेसर मित्तल ने बताया कि मुख्यमंत्री को वर्तमान परिस्थिति से अवगत कराते हुए हर संभव मदद करने का भरोसा दिया गया है।
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