मुंशी प्रेमचंद की जन्मस्थली लमही में उनके स्मारक पर सुनो मैं प्रेमचंद कहानी पाठ शृंखला ने अपने 1630 दिन पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर केंद्र ट्रस्ट ने सरस्वती शिशु मंदिर बसही के प्रबंधक अजय यादव ने प्रेमचंद की कहानी चकमा का पाठ किया। संस्था के संरक्षक प्रोफेसर श्रद्धानंद ने कहा चकमा सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि समाज का दर्पण है। यह हमें सिखाती है कि दूसरों को धोखा देने वाला व्यक्ति अंत में खुद भी धोखे का शिकार होता है। कहानी वाचक अजय यादव को ट्रस्ट संरक्षक प्रो. श्रद्धानंद, डॉ. राम सुधार सिंह, प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव और कार्यक्रम संयोजक मनोज विश्वकर्मा ने सम्मानित किया। मौके पर रमेश लालवानी, राकेश वर्धन, राम अचल, आयुषी दूबे उपस्थित रहे। संचालन मनोज विश्वकर्मा व धन्यवाद ज्ञापन आलोक शिवाजी ने प्रस्तुत किया।