मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कमान संभालने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र को कटौती मुक्त करने की घोषणा की गई थी लेकिन बिजली विभाग इसकी धज्जियां उड़ा रहा है। कहीं लोकल फाल्ट के नाम पर तो कहीं मरम्मत के नाम पर अंधाधुंध कटौती की जा रही है।
गुरुवार को 24 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल पूरी तरह ध्वस्त हो गया। लोकल फाल्ट ठीक करने के बहाने कई-कई बार कटौती की गई। मंडुवाडीह, लहरतारा और चांदपुर इलाके में सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे के बीच कई बार बिजली आई-गई। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो 10 घंटे कटौती हुई। एक बार बिजली जाने पर दो से तीन घंटे बाद आ रही थी।
दिन में कुछ देर पंखा चलता, तब तक कटौती हो जा रही थी। इसके चलते लोगों को पानी के लिए भी परेशान होना पड़ा। शहर के अन्य इलाकों कचहरी, वरुणा पार, पांडेयपुर, मैदागिन, लंका, सिगरा, महमूरगंज, गोदौलिया आदि इलाकों में भी देर रात तक बिजली की आंख मिचौनी जारी रही।
दूसरी ओर एसडीओ अनूप राय का दावा है कि राजातालाब से ब्रेक डाउन के कारण दो घंटे और कैंट से शटडाउन लेने के कारण 40 मिनट आपूर्ति कुछ इलाकों में प्रभावित रही। कोई कटौती नहीं की गई। गरमी बढ़ने से लोड की समस्या पैदा हुई है, जिसे ट्रांसफार्मर के हिसाब से मैनेज किया जा रहा है। बता दें कि अंबेडकर जयंती पर योगी सरकार ने केंद्र से गुजरात की तर्ज पर शहरों और गांवों में 24 घंटे बिजली देने के लिए ‘पावर टू आल’ योजना के तहत करार किया था।