इसके बाद 4 जनवरी को छात्रों ने कुलसचिव से भी मुलाकात की। इस दौरान छात्रों ने कुल सचिव को शिकायती पत्र सौंपा। जिसमें लिखा कि बीएचयू में चल रही नियुक्तियों के साक्षात्कार में दर्शन, इतिहास, प्राचीन इतिहास, संस्कृत आदि कई विभागों के हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के साथ लगातार भेदभाव जैसा व्यवहार किया जा रहा है। इस व्यवहार से भारतीय संविधान और राज्य भाषा हिंदी का अपमान हो रहा है।