वाराणसी। काशी की बेटी पूनम यादव का नाम अर्जुन अवार्ड के लिए भेजे जाने की सूचना मिलते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। खेलप्रेमियों ने भी पूनम को फोन करके बधाई दी। इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ने पूनम यादव का नाम अर्जुन अवार्ड के लिए नामित किया है।
बुधवार को पूनम ने बातचीत के दौरान बताया कि हमने तो वह दौर भी देखा है जब हमारे पास राष्ट्रमंडल खेलों के लिए पैसे नहीं थे। 2014 में मैं वेटलिफ्टिंग के लिए तैयार हो गई थी लेकिन विदेश भेजने के लिए पैसे जुटाने में मुश्किल हो रही थी। तब दो भैंसों को पिताजी ने बेच दिया और दोस्तों-परिवार वालों से कर्ज लेकर मुझे भेजा। मैंने भी अपना पूरा दम लगाया और कांस्य पदक लाकर उनके सपने को पूरा किया। मैंने सारे उधार के पैसों को चुकाया और अपना घर भी खड़ा किया है।
पूनम का घर बनारस के चोलापुर क्षेत्र के दांदूपुर गांव में है। उनके पिता कैलाश यादव किसान और मां उर्मिला गृहणी हैं। वहीं पूनम फिलहाल रेलवे में टीटीई हैं। उनकी बड़ी बहन भी वेटलिफ्टर हैं। अभी वो आगरा में टीटीई पद पर तैनात हैं। पूनम यादव ने एशियाड 2014 में सिल्वर मेडल, सीनियर नेशनल 2014 में सिल्वर मेडल, स्कॉटलैंड के ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 कांस्य पदक जीता था। कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप 2015 में दो गोल्ड, एशियन चैंपियनशिप 2015 में ब्रोंज, कॉमनवेल्थ 2018 में गोल्ड जीता। पूनम के पिता कैलाश यादव ने बताया कि एक बार कर्णम मल्लेश्वरी का खेल देखा जिन्होंने ओलंपिक मैच में भारत को गोल्ड मेडल जीता था। बस यहीं से सपना था कि मेरी बेटी भी मेडल लाये। जिसने आज इस सपने को सच कर दिया।